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नई दिल्ली: अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन के बाद केंद्र सरकार समेत कई राज्यों ने अग्निवीरों के लिए कई घोषणाएं की हैं. इस स्कीम के तहत 4 वर्ष सेना में सेवाएं देने के बाद अग्निवीरों को केंद्र व राज्यों की कई नौकरियों में आरक्षण व प्राथमिकता दी जाएगी. रक्षा मंत्रालय ने डिफेंस सेक्टर में 10 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान किया है. वहीं गृह मंत्रालय ने भी अर्धसैनिक बलों की नौकरी में 10 प्रतिशत रिजर्वेशन देने की घोषणा की है. इसके अलावा विभिन्न राज्यों ने भी कहा कि, वे अपने प्रदेशों में पुलिस बल भर्ती में अग्निवीरों को प्राथमिकता देंगे.

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को उस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी जिसमें रक्षा मंत्रालय के तहत आने वाली नौकरियों में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण मिलेगा. यह रिजर्वेशन भारतीय तटरक्षक बल और डिफेंस पोस्ट में लागू होगा. इनमें 16 सार्वजनिक क्षेत्रों की कंपनी, हिन्दुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड, भारत इलेक्ट्रिकल लिमिटेड, बीईएमएल, बीडएल, जीएसएल, एमडीएल, मिधानी और आईओएल समेत अन्य कंपनियां शामिल हैं.

वहीं केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्सेज और असम राइफल्स की नौकरियों में अग्निवीरों को 10 फीसदी आरक्षण दिया है. पोर्ट एंड शिपिंग मिनिस्ट्री के साथ-साथ भारतीय नौसेना ने ऐलान किया है कि अग्निवीरों को मर्चेंट नेवी में आसानी इंडक्शन किया जाएगा. सूत्रों ने कहा कि, अग्निवीरों को भारतीय नौसेना से सर्टिफाइड मर्चेंट नेवी में भेजा जाएगा और विभिन्न विभागों में कुछ पदों पर तैनात किया जा सकेगा.

पढ़ाई के लिए स्पेशल सर्टिफिकेट कोर्स

डिपार्टमेंट ऑफ स्कूल एजुकेशन एंड लिटरेसी ने रक्षा अधिकारियों के साथ परामर्श के बाद 10वीं पास अग्निवीरों की आगे की पढ़ाई के लिए स्पेशल कोर्स डेवलप करने का ऐलान किया है ताकि वे 12वीं की परीक्षा पास कर सकें और आगे की पढ़ाई जारी रख सकें.

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इस संस्था द्वारा जारी सर्टिफिकेट रोजगार और उच्च शिक्षा दोनों के लिए पूरे देश में मान्य होगा. इससे यह फायदा होगा कि सेना में काम करते हुए अग्निवीर अपनी आगे की पढ़ाई भी जारी रख सकेंगे. इसके अलावा शिक्षा मंत्रालय ने अग्निवीरों के लिए 3 वर्षीय स्किल बेस्ड बैचलर डिग्री प्रोग्राम तैयार किया है. ताकि सेना में अपने कार्यकाल के दौरान वे हायर एजुकेशन जारी रख सकें. सरकारी सूत्रों ने बताया कि, यह प्रोग्राम इग्नू द्वारा तैयार किया जाएगा और उनके द्वारा लागू किया जाएगा.

राज्य पुलिस भर्ती में मिलेगी प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा, अरुणाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कर्नाटक कुछ राज्यों ने सेना में 4 साल सेवा देने के बाद अग्निवीरों को राज्य पुलिस बल की नौकरी में प्राथमिकता देने की घोषणा की है. इससे पुलिस बलों को माओवादी, नक्सलवाद और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान होने वाली समस्याओं से लड़ने में मदद मिलेगी.

अग्निवीरों को पढ़ाई और अन्य करिअर विकल्प के लिए आर्थिक मदद देने की भी घोषणा की गई. इसमें विभिन्न सरकारी योजनाओं जैसे मुद्रा योजना आदि के तहत लोन या ऋण उपलब्ध कराया जाएगा.

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