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हाइलाइट्स

इस आम की किस्म को केसर कहा जाता है.
इसे सौराष्ट्र के कई इलाकों में उगाया जाता है.
60 किलोग्राम आम के लिए बोली भी लग गई है.

नई दिल्ली. आम गर्मी के मौसम का फल है, इसलिए जब वे इस मौसम में पोरबंदर के बाजार में पहुंचे तो स्वाभाविक रूप से लोग हैरान रह गए. सोमवार को कुछ किसान एपीएमसी मंडी में आम लेकर आए. इससे व्यापारियों और किसानों में समान रूप से उत्साह पैदा हो गया. जाहिर है कि सर्दी के मौसम में आम देखकर सभी को हैरानी होगी. पोरबंदर में जिन आमों की खेप उतरी उन्हें केसर आम कहा जाता है. ये विशेष रूप से सौराष्ट्र के तलाला और आसपास के क्षेत्रों में उगाए जाते हैं.

गुजरात का ये आम पूरे देश में बहुत प्रसिद्ध हो गया है. इस साल पोरबंदर के बिलेश्वर और खानभला सहित अन्य जिलों में आम के पेड़ों पर सामान्य से लगभग दो-तीन महीने पहले फूल आने की खबरें आ रही हैं. सोमवार को बाजार में केसर आम आ गए और 60 किलोग्राम आम की भी नीलामी हुई.

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500 रुपये किलो बिका आम
आम सर्दियों में मिलने वाला फल नहीं है, इसलिए इसकी नीलमी गर्मी के मौसम में शुरू होती है. लेकिन जब केसर आम बाजार में आया तो इसकी नीलामी को लेकर व्यापारी काफी उत्साहित थे. आम की पहली नीलामी के बाद व्यापारियों द्वारा मिठाई भी बांटी गई. नीलामी में आम की जो शुरुआती कीमत बताई गई थी, वह 350 रुपये प्रति किलो थी. यहां तक ​​कि यह 501 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई. आम की पहली नीलामी में 501 रुपये प्रति किलो का भाव मिलने से व्यापारी बेहद खुश हुए.

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किसान हैरान रह गए
पिछले कुछ वर्षों से किसान पोरबंदर जिले के बिलेश्वर, खंभाला और कटवाना गांवों में बांध के पास के क्षेत्र में आम उगा रहे हैं. पोरबंदर जिले के इन क्षेत्रों में उगाए जाने वाले केसर आम अच्छी गुणवत्ता के होते हैं और इनका आकार भी बड़ा होता है. इससे उन्हें बाजार में आकर्षक कीमत मिलती है क्योंकि बाजार में उनकी मांग बहुत अधिक होती है. आम आमतौर पर मार्च में आने शुरू होते हैं, जब गर्मी का मौसम की शुरुआत होती है. हालांकि, किसान इस साल सर्दी के मौसम में अपने पेड़ों पर आम पाकर हैरान रह गए. इस क्षेत्र के किसान सामान्य समय से लगभग तीन महीने पहले आम की फसल काटकर खुश हैं.

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