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देहरादून. उत्तराखंड में हर मोर्चे पर मुंह की खा रही आम आदमी पार्टी अब चिंतन मनन में लगी है. पार्टी ने शनिवार को प्रदेश भर से कार्यकर्ताओं को एकमंच देकर गिले-शिकवे दूर करके आगामी रणनीति पर काम शुरू किया. हालांकि इस चिंतन शिविर में सबसे ज्यादा नाराज़गी उत्तराखंड के आप प्रभारी दिनेश मोहनिया की कार्यप्रणाली को लेकर देखने को मिली.

उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी अब इस कोशिश में है कि कैसे प्रदेश में पार्टी को जिंदा रखा जा सके. पार्टी के कई बड़े नेता एक-एक कर नाता तोड़ने लगे, तो पार्टी पदाधिकारियों को चिंता सताने लगी है. ऐसे में अब चिंतन शिविर का दौर शुरू हो गया है. पार्टी की कोशिश है कि निकाय चुनाव में पार्टी मुंह की न खाए, इसलिए सभी कार्यकर्ताओं से उनकी नाराजगी की वजह पूछी जा रही है.

इनमें से ज्यादातर कार्यकर्ताओं की नाराजगी उत्तराखंड के प्रभारी दिनेश मोहनिया को लेकर है. हालिया विधानसभा चुनाव के दौरान टिकट बंटवारे से लेकर पार्टी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठते रहे हैं, जिसपर कार्यकर्ता नाराज़ हैं. हालांकि पार्टी समन्यक जोत सिंह कहते हैं कि इन्हीं शिकायतों को दूर करने के लिए इस चितंन शिविर का आयोजन किया गया है, ताकि सब अपनी बात रख सकें.

मगर प्रभारी दिनेश मोहनिया को लगता है कि लोग छोड़ रहे है तो छोड़े, पार्टी को किसी के जाने से फर्क नहीं पड़ता, पार्टी विचारधारा से चलती है, जो पार्टी की विचारधारा में फिट नहीं बैठता वो अलग हो सकता है.

अब भले ही पार्टी में मंथन हो रहा है, लेकिन इतना जरूर है कि आप की उत्तराखंड इकाई में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है. शायद यही वजह है कि डैमेज कंट्रोल करने में अब शीर्ष नेतृत्व लग गया है.

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