e0a489e0a4a4e0a58de0a4a4e0a4b0 e0a4aae0a58de0a4b0e0a4a6e0a587e0a4b6e0a483 107 ias e0a485e0a4abe0a4b8e0a4b0e0a58be0a482 e0a495e0a4be

हाइलाइट्स

बुधवार को यूपी सरकार ने 107 आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन किया.
नोएडा के डीएम सुहास एलवाई अब सचिव पद संभालेंगे.
9 आईएएस अधिकारियों को प्रमुख सचिव बनाया गया है.

लखनऊ. उत्तर प्रदेश के कई जिलाधिकारियों (DM) का बुधवार को प्रमोशन किया गया. इसी कड़ी में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एलवाई (IAS Suhas Ly) अब सचिव पद की जिम्मेदारी 1 जनवरी से संभालेंगे. सुहास एलवाई (Suhas Ly) के अलावा शीतल वर्मा, आलोक तिवारी, चैत्र वी, नवीन कुमार, मुथुस्वामी, प्रभु नारायण सिंह, अभय, डॉक्टर आदर्श सिंह को भी सचिव पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है. सुहास एलवाई के साथ-साथ 107 आईएएस अधिकारियों (IAS Officers) का प्रमोशन हुआ है, जिनमें से 6 आईएएस को प्रमुख सचिव बनाया गया है.

प्राप्त जानकारी के मुताबिक 1998, 2007 और 2019 बैच के IAS अधिकारियों का सरकार (UP Government) ने प्रमोशन (Promotion) किया गया है. आईएएस अधिकारी (IAS Officers) आलोक कुमार, अनिल सागर, अजय चौहान, अनिल कुमार, पंधारी यादव और नीना शर्मा को प्रदेश का प्रमुख सचिव बनाया गया है. 2007 के 9 आईएएस अधिकारियों का पदोन्नति हुआ है. जिन 107 आईएएस अधिकारियों का प्रमोशन हुआ है, वो सभी नए साल से नई जिम्मेदारी संभालेंगे.

1998 बैच के और भी आईएएस अधिकारियों को प्रमोशन दिया गया है. विभागीय पदोनन्ति समिति की बैठक के बाद इनको प्रमोशन की हरी झंडी दी गई है. शासन की इच्छा के अनुरूप नई पोस्टिंग दी जाएगी. वहीं 2005 और 2006 बैच के दो आईएएस अफसरों के खिलाफ जांच को लेकर अभी पदोन्नति को रोक दिया गया है.

आपके शहर से (लखनऊ)

उत्तर प्रदेश
लखनऊ

उत्तर प्रदेश
लखनऊ

सुहास एलवाई यूपी कैडर में साल 2007 बैच के आईएएस अफसर हैं. मूल रूप से कर्नाटक में शिमोगा जिले के रहने वाले हैं. कोरोना महामारी के वक्त सुहास एलवाई को यूपी सरकार ने गौतमबुद्ध नगर का जिलाधिकारी बनाकर भेजा था. वह तब से जिले में काम कर रहे हैं. इससे पूर्व सुहास एलवाई महाराजगंज, सोनभद्र, हाथरस, प्रयागराज, जौनपुर और आजमगढ़ के जिलाधिकारी रह चुके हैं.

Tags: IAS Officer, Noida news, Uttar pradesh news

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)

READ More...  प्रॉपर्टी डीलर मर्डर केसः अश्लील वीडियो बना हत्या की वजह, 100 मीटर तक फैला था खून