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हाइलाइट्स

लेखक पीटर कॉय ने कहा- उनका खुद का रवैया उनके लिए परेशानी.
अमेज़न के चीफ जेफ बेजोस ने रूटीन कार्यों से खुद को हटाकर बनाई मिसाल.
एलन मस्क की वर्तमान स्थिति की तुलना व्लादिमीर पुतिन से.

नई दिल्ली. क्या ट्विटर को खरीदना एलन मस्क की सबसे बड़ी भूल साबित होगी? क्या दुनिया के सबसे अमीर शख्स ने एक गलत फैसला ले लिया है? टेस्ला के साथ आसमान की ऊंचाइयां चूमने वाले मस्क क्या ट्विटर के साथ अपने पतन की गहराई नापेंगे? बिजनेस जगत की गहन समझ रखने वाले विशेषज्ञ इन दिनों इन्हीं मुद्दों पर लिख-पढ़ रहे हैं.

द न्यू यॉर्क टाइम्स, बिजनेस वीक और ब्लूमबर्ग जैसे संस्थानों के लिए स्तंभ लिखने वाले इकॉनमिक्स विशेषज्ञ पीटर कॉय ने अपने ताजा लेख में कुछ इसी तरह की आशंकाएं जाहिर की हैं. पीटर कॉय ने लिखा है कि तानाशाही रवैया रखने वाले चीफ एग्जीक्यूटिव जब ऊपर उठते हैं तो बहुत ऊपर पहुंचते हैं और जब गिरने लगते हैं तो बहुत गहराई भी नापते हैं. उन्होंने अपने लेख में एलन मस्क की वर्तमान स्थिति की तुलना व्लादिमीर पुतिन तक से कर डाली है.

पीटर कॉय लिखते हैं- एक निरंकुश या सर्वसत्तावादी सीईओ के दिमाग में क्या चल रहा होता है, ये समझने के लिए मैंने सिलिकॉन वैली में स्कॉलर और एंटरप्रेन्योर विके वाधवा से बात की. वाधवा ने 2016 में क्वाटर्ज के लिए एक लेख लिखा था, जिसका शीर्षक था- दुनिया की बेहतरीन कंपनियां, जिनकी कमान बुद्धिमान तानाशाहों के हाथ में है.

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तानाशाहों के लिए जुनून होता है उनका काम
वे आगे लिखते हैं कि वाधवा के साथ चर्चा में उन्होंने कहा कि जब आप दूरदृष्टा होते हैं तो आपको बड़े-बड़े आइडिया आते हैं. आपको लगता है कि ये विचार दुनिया में बड़े बदलाव ला सकते हैं, परंतु कोई आपसे सहमत नहीं होता. तब उन विज़नरी लोगों को सामान्य तर्क को उलटना होता है. चीजों पर नकेल कसकर रखना उनकी मजबूरी बन जाता है और वे चाहे-अनचाहे एक करिश्माई शख्सियत में बदल जाते हैं. अपनी चुनी गई दिशा में दूसरों को भी चलाने के लिए उन्हें कठोर होना पड़ता है. साथ ही उन्हें सबको साथ लेकर चलने की कला भी विकसित करनी पड़ती है. ऐसे लीडर्स के लिए अपना काम किसी जुनून की तरह होता है. वे विफलता को एक विकल्प तक नहीं समझते.

पीटर कॉय लिखते हैं कि जब एलन मस्क टेस्ला का नया मॉडल एम्बियन लॉन्च कर रहे थे तो उन्होंने एक-एक सप्ताह में 120 घंटों तक काम किया था. इसी तह ऐपल के को-फाउंडर स्वीट जॉब्स ने एक गूगल एग्जीक्यूटिव को रविवार के दिन बुला लिया था. वॉल्ट डिज्नी ने स्नो वाइट एंड द सेवेन ड्वार्फ्स (Snow White and the Seven Dwarfs) के लिए अपनी सारी जमा-पूंजी दांव पर लगा दी और लगभग दिवालिया हो गए गए थे. ये एक एनिमेटेड मूवी है.

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स्टार्टअप और स्थापित कंपनियों में अंतर
इस तरह के निरंकुश चीफ जब किसी स्टार्टअप में काम करते हैं तो उनका यही जज्बा कारगर साबित होता है. लेकिन जब कंपनी बड़ी हो जाती है तो उनकी यही आदतें काम में बाधा डालने लगती हैं. कारण ये है कि एक स्टार्टअप और एक जमी-जमाई कंपनी को मैनेज करने में जमीन-आसमान का फर्क होता है. कंपनी चलाने के लिए मैच्योरिटी, शांतिपूर्ण रवैया, सुनने की आदत, और सबको साथ लेकर चलने की जरूरत होती है. ट्विटर जैसी स्थापित कंपनी को चलाने के लिए, जब एलन मस्क स्टार्टअप के मुखिया जैसा रवैया अपनाते हैं तो कंपनी के लिए वे खुद एक मुसीबत बन जाते हैं. उन्हें लगता है कि जो टेस्ला के लिए कारगर था, बिलकुल वैसा ही किया जाए तो ट्विटर में भी अच्छे नतीजे मिलेंगे. परंतु अब परिस्थितियां अलग हैं, क्योंकि वे अपने डोमेन से बाहर काम कर रहे हैं. यदि वे इसी तरह आगे बढ़ते रहे तो ट्विटर उनकी बड़ी विफलता साबित हो सकता है.

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निरंकुशवाद, गॉड कॉम्पलेक्स और संकट
अर्थशास्त्र विशेषज्ञ कॉय अपने लेख में निरंकुशवाद से गॉड कॉम्पलेक्स और उससे संकट की बात करते हैं. वे कहते हैं कि जब किसी निरंकुश सीईओ के दिमाग पर सफलता का भूत सवार हो जाता है संकट पैदा होने लगता है. क्योंकि सफलता बड़ी हाइप बनानी है और आसपास के लोग उसे ईश्वर की तरह देखने लगते हैं. इसी से गॉड कॉम्पलेक्स आता है और खेल बिगड़ जाता है.

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मेटा के चीफ मार्क जुकरबर्ग की बात करते हुए वे कहते हैं कि उनकी अवस्था ट्विटर चीफ एलन मस्क जैसी नहीं है, लेकिन वे भी अपनी विफलताओं का सामना कर रहे हैं. चूंकि मेटा (Meta) का ड्यूल-क्लास शेयर स्ट्रक्चर जुकरबर्ग को कंपनी का पूरा नियंत्रण देता है, ऐसे में वे भी एलन मस्क की तरह ही सर्वसत्तावादी बन जाते हैं.

एक बार हिलेरी क्लिंटन ने कहा था कि फेसबुक (Meta) में टॉप पर बैठे लोगों से बात करते समय लगता है कि जैसे किसी विदेशी सत्ता से बात कर रहे हैं. कुछ और भी सर्वसत्तावादी अथवा ऑटोक्रेट हैं, लेकिन वे एक मिसाल बन गए हैं. उदाहरण के लिए, अमेज़न चीफ जेफ बेजोस. उन्होंने समय रहते कंपनी के रूटीन कार्यों से खुद को दूर कर लिया.

पीटर कॉय एलन मस्क की तुलना रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से करते हुए कहते हैं कि यह अतिश्योक्तिपूर्ण हो सकता है, लेकिन कभी-कभी लगता है कि यूक्रेन में जो हालत पुतिन की हुई है, ट्विटर में लगभग उसी स्थिति में एलन मस्क फंसे हुए हैं. ठीक है, मस्क ने किसी देश पर हमला नहीं किया, बस एक सोशल मीडिया कंपनी खरीदी है. परंतु दोनों में एक समानता है, जो दोनों को मुश्किल में डाल रही है- ओवर कॉन्फि़डेंस. और यह ओवर कॉन्फिडेंस गॉड कॉम्पलेक्स से पैदा होता है.

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Tags: Business news, Elon Musk, Job loss, Twitter

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