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नई दिल्ली. जिस कर्नाटक से उठी हिजाब विवाद की आंच पूरे देश में फैल गई थी अब वहां की 5 मुस्लिम छात्राओं ने यूनिवर्सिटी से स्थांतरण प्रमाणपत्र यानी टीसी के लिए आवेदन किया है ताकि उनका दूसरे कॉलेजों में दाखिला मिल सके, जहां हिजाब को अनुमति हो. यह अनुरोध कर्नाटक के हम्पंकट्टा में यूनिवर्सिटी की पांच मुस्लिम छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन से किया है. उन्होंने अन्य कॉलेजों में प्रवेश के लिए स्थानांतरण प्रमाण पत्र (टीसी) जारी करने का अनुरोध किया है. गौरतलब है कि हिजाब विवाद कर्नाटक के उडुप्पी जिले के एमजीएम कॉलेज से शुरू हुआ था.

अन्य कॉलेजों में दाखिले के लिए व्यवस्था
हाल ही में, मंगलुरू विश्वविद्यालय के कुलपति पी एस यदापदिथ्या ने घोषणा की थी कि यदि वह उच्च न्यायालय के निर्देश जिसमें छात्राओं को संबंधित संस्थानों द्वारा निर्धारित ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कहा गया है उस आदेश को मानने की इच्छुक नहीं हैं, तो विश्वविद्यालय अन्य कॉलेजों में शामिल होने के लिए मुस्लिम लड़कियों के लिए विशेष व्यवस्था करेगा. कॉलेज की प्राचार्य अनसूया राय ने कहा कि पांचों छात्राओं ने टीसी के लिए अनुरोध किया था ताकि वह हिज़ाब की अनुमति देने वाले अन्य कॉलेजों में दाखिला ले सकें. राय ने कहा, चूंकि उनके द्वारा लिखे गये प्रार्थना पत्र अपूर्ण पाए गए थे, छात्राओं को सुधार के साथ एक नया पत्र प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था.

कई मुस्लिम छात्राएं क्लास कर रही हैं
राय ने बताया कि छात्राएं अभी तक नये पत्र लेकर वापस नहीं आयी है. प्राचार्य ने कहा, सभी स्नातक की कक्षाओं को ऑनलाइन स्थानांतरित कर दिया गया है क्योंकि परिसर में मूल्यांकन कार्य चल रहा है. उन्होंने कहा कि कुछ छात्राओं को छोड़कर, यूजी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाली सभी 44 मुस्लिम लड़कियां कक्षाओं में भाग ले रही हैं. गौरतलब है कि इस साल फरवरी में कर्नाटक के उडुप्पी में कुछ मुस्लिम छात्राओं को हिजाब पहनकर कॉलेज में आने के लिए मना कर दिया था.

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इसके बाद कर्नाटक के कई कॉलेजों में इसे लेकर विवाद हो गया था. इसके बाद कर्नाटक हाईकोर्ट ने फैसला दिया था कि शैक्षणिक संस्थानों में ड्रेस कोड को मानना पड़ेगा. इस विवाद के चार महीने बाद अब इन छात्राओं ने अन्य कॉलेजों में दाखिले के लिए टीसी की मांग की है.

Tags: Hijab, Hijab controversy, Karnataka

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