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वेल्लोर: राजीव गांधी हत्याकांड के 6 दोषियों में से एक नलिनी श्रीहरन ने 32 साल की सजा के दौरान उसे ‘मदद’ देने के लिए तमिलनाडु और केंद्र सरकारों का आभार व्यक्त किया और कहा कि वह अपने परिवार के साथ रहना चाहती है. श्रीहरन, जो देश में सबसे लंबे समय तक आजीवन कारावास की सजा काटने वाली महिला कैदी है, को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश के बाद शनिवार को वेल्लोर जेल से रिहा कर दिया गया, जिसमें शीर्ष अदालत ने आरपी रविचंद्रन सहित सभी 6 दोषियों को मुक्त करने के लिए कहा था.

जेल से बाहर आने पर, उसने तमिलनाडु के लोगों को धन्यवाद दिया और कहा कि उन्होंने 32 वर्षों तक मेरा समर्थन किया. एएनआई से बात करते हुए, नलिनी ने अपनी भविष्य की योजनाओं के बारे में बताया. उसने कहा, ‘मैं अपने परिवार के साथ रहना चाहती हूं. मेरे परिवार के सभी सदस्य इतने लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं. मैं राज्य और केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहती हूं. उन्होंने इस दौरान हमारी बहुत मदद की.’ यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपनी रिहाई के बाद गांधी परिवार से मिलेगी, नलिनी ने कहा कि वह ऐसा करने की योजना नहीं बना रही है.

‘मेरे पति जहां भी जाएंगे मैं वहां जाऊंगी’

नलिनी ने कहा, ‘मेरे पति जहां भी जाएंगे मैं वहां जाऊंगी. हम 32 साल तक अलग रहे. हमारा परिवार हमारा इंतजार करता रहा. मैं गांधी परिवार से मिलने की योजना नहीं बना रही हूं. केस चल रहा है. उनसे मेरे मिलने की कोई संभावना नहीं है. मुझे पैरोल देने के लिए मैं राज्य सरकार को धन्यवाद देती हूं. मैं इसीलिए सर्वोच्च न्यायालय जा सकी और अपने स्तर पर सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया.’ दोषियों के अच्छे आचरण को ध्यान में रखते हुए न्यायमूर्ति बीआर गवई और बीवी नागरत्ना की दो-न्यायाधीशों की पीठ द्वारा पारित आदेश पर टिप्पणी करते हुए नलिनी ने कहा कि न्यायाधीशों ने हमारे मामलों का अध्ययन किया है और उन्हें पता है कि ‘क्या गलत है और क्या सही है.’

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नलिनी के अलावा मामले के अन्य दोषियों में रविचंद्रन, रॉबर्ट पायस, जयकुमार, एस राजा और श्रीहरन हैं. पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के छह दोषियों में से एक रविचंद्रन को मदुरै केंद्रीय कारागार से रिहा कर दिया गया. गत 18 मई को, सुप्रीम कोर्ट ने एजी पेरारीवलन को रिहा करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी विशेष शक्तियों का इस्तेमाल किया था, जो हत्या के मामले में 7 दोषियों में से एक था. नलिनी और रविचंद्रन ने एजी पेरारीवलन जैसी रिहाई की मांग करते हुए शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया था. तमिलनाडु सरकार ने दोषियों की समय से पहले रिहाई की सिफारिश करते हुए कहा था कि उनकी 2018 की सहायता और उनकी उम्रकैद की सजा की सलाह राज्यपाल पर बाध्यकारी है.

एमके स्टालिन ने किया SC के फैसले का स्वागत

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में नलिनी श्रीहरन सहित छह दोषियों को रिहा करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया. स्टालिन ने शुक्रवार को एक ट्वीट में कहा, ‘मैं छह लोगों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करता हूं. सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला इस बात का प्रमाण है कि लोगों द्वारा चुनी गई सरकार के फैसलों को नियुक्त राज्यपालों द्वारा बाधित नहीं किया जाना चाहिए.’ नलिनी श्रीहरन और 5 अन्य पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे.

राजीव गांधी की 21 मई, 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरंबदूर में एक सार्वजनिक रैली के दौरान लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) समूह की एक महिला आत्मघाती हमलावर द्वारा हत्या कर दी गई थी. 7 दोषियों को हत्या में उनकी भूमिका के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी. उनमें नलिनी श्रीहरन, आरपी रविचंद्रन, जयकुमार, संथन, मुरुगन, रॉबर्ट पायस और एजी पेरारिवलन शामिल थे. साल 2000 में नलिनी श्रीहरन की सजा को घटाकर उम्रकैद में तब्दील कर दिया गया था. बाद में वर्ष 2014 में, अन्य 6 दोषियों की सजा भी कम करके उम्रकैद में तब्दील कर दी गई. उसी वर्ष, तमिलनाडु की तत्कालीन मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने मामले के सभी 7 दोषियों की रिहाई की सिफारिश की थी.

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Tags: Assassination, Rajiv Gandhi, Tamil Nadu news

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