e0a49ce0a4b2e0a4b5e0a4bee0a4afe0a581 e0a4aae0a4b0e0a4bfe0a4b5e0a4b0e0a58de0a4a4e0a4a8 e0a4b8e0a587 e0a485e0a4abe0a58de0a4b0e0a580
e0a49ce0a4b2e0a4b5e0a4bee0a4afe0a581 e0a4aae0a4b0e0a4bfe0a4b5e0a4b0e0a58de0a4a4e0a4a8 e0a4b8e0a587 e0a485e0a4abe0a58de0a4b0e0a580 1

हाइलाइट्स

मिस्र में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन में सीओपी27 के प्रतिनिधियों ने बैठक की.
बैठक में जलवायु परिवर्तन के चलते अफ्रीकी देशों में बढ़ती भूखमरी पर चिंता जाहिर की गई.
संयुक्त राष्ट्र ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर कोई कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है.

मिस्र. मिस्र में आयोजित संयुक्त राष्ट्र के जलवायु सम्मेलन में सीओपी27 के प्रतिनिधियों ने पृथ्वी पर बढ़ते तापमान को लेकर चिंता जाहिर की. इस दौरान संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि जलवायु संकट के चलते कई अफ्रीकी देशों में भूखमरी तेजी से बढ़ रही है और अगर किसी तरह का कोई कदम नहीं उठाया गया तो स्थिति और बदतर हो सकती है. संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के ज़िटौनी औलद-दादा ने कहा, “अगर तत्काल कठोर उपाय नहीं किए गए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है. क्योंकि जलवायु परिवर्तन का असर हर जगह देखा जा रहा है और सबसे अधिक सूडान जैसे कमजोर देश में तेजी से इसका असर दिख रहा है.

संस्थाओं ने पहले ही जारी कर दी थी चेतावनी
सूडान पूर्वी अफ्रीकी देशों में से एक है, जहां खाने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है. इस महीने की शुरुआत में ही संस्था ने चेतावनी दी थी. खासतौर पर इथियोपिया, केन्या और सोमालिया में समस्या को गंभीर बताया था. जैसे ही COP27 शिखर सम्मेलन शुरू हुआ, एक दर्जन से अधिक संयुक्त राष्ट्र एजेंसियों और प्रमुख धर्मार्थ संस्थाओं ने चेतावनी दी कि हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका “हाल के इतिहास में सबसे लंबे और सबसे गंभीर सूखे” की चपेट में है, सोमालिया के कुछ हिस्सों में “अकाल का सामना करने का अनुमान है.”

READ More...  India-UK Relations: दिवाली तक हो सकता ब्रिटेन- भारत के साथ मुक्त व्यापार करार : मंत्री

सबसे कम कॉर्बन उत्सर्जन करने वाले देश में क्लाइमेट चेंज का बुरा असर
बता दें कि अफ्रीका के कुछ देशों में कॉर्बन का सबसे कम उत्सर्जन होता है लेकिन जलवायु परिवर्तन का सबसे बुरा असर इन देशों पर है. सूडान, महाद्वीप के कई अन्य देशों की तरह, हाल के वर्षों में अनियमित मौसम पैटर्न यानी कि कठोर सूखे और मूसलाधार बारिश के बाद तापमान में कमी से प्रभावित हुआ है. विश्व खाद्य कार्यक्रम (डब्ल्यूएफपी) के अनुसार, लगभग एक तिहाई आबादी, 15 मिलियन से अधिक लोगों को अगले वर्ष सहायता की आवश्यकता होगी, जो पिछले 10 सालों में सबसे अधिक संख्या है.

सूडान में इस साल 800 लोग मारे गए
एफएओ के जलवायु और पर्यावरण प्रभाग के उप निदेशक औल्ड-दादा ने कहा कि मिस्र में जलवायु शिखर सम्मेलन, जिसे “अफ्रीकी सीओपी” कहा जाता है, वहां महाद्वीप की खाद्य सुरक्षा को संबोधित किया जाना चाहिए. संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, सूडान में संघर्ष के दौरान इस वर्ष 800 लोग मारे गए हैं और 260,000 से अधिक विस्थापित हुए हैं.

Tags: Hunger, United Nation

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)