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गाजियाबाद. विवादास्पद बयान देकर चर्चा में आए गाजियबाद स्थित डासना देवी मंदिर के पुजारी यति नरसिंहानंद सरस्वती को अब घर में नजरबंद कर दिया गया है. उन्होंने कुछ दिन पहले ही दिल्ली की जामा मस्जिद जाने की घोषणा की थी. पुजारी ने कहा था कि वह 17 जून को मस्जिद जाएंगे और कुरान पर एक प्रस्तुति देंगे. गाजियाबाद प्रशासन ने पहले उन्हें नोटिस जारी कर साम्प्रदायिक नफरत फैलाने वाला बयान देने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी थी.

एसडीएम (सदर) विनय कुमार सिंह ने उनकी नजरबंदी के बारे में को बताया कि जिले में कानून व्यवस्था कायम रखने के लिए यह कदम उठाया गया. उन्होंने कहा कि पुजारी को आधी रात तक कड़ी निगरानी में रखा जाएगा. इस बीच, पुजारी का एक कथित वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर सामने आया. जिसमें उन्होंने कहा कि मुसलमान बिना किसी डर के सड़क पर घूम रहे हैं. देश में दिन-प्रतिदिन हिंसा फैल रही है और मुस्लिम नेता हिंदुओं का सिर कलम करने के लिए ‘फतवा’ जारी कर रहे हैं.

शास्‍त्रों पर होती थी चर्चा
उन्होंने आरोप लगाया कि ब्रिटिश काल में हमारे संत अंग्रेजों की सुरक्षा में जामा मस्जिद में जाकर शास्त्रों पर चर्चा करते थे. आज के शासक हिंदुओं को सुरक्षा नहीं देंगे और वे उनकी जायज मांगों को दबा रहे हैं. पुजारी ने कहा कि दूसरी ओर, ओवैसी और मदनी जैसे मुस्लिम नेताओं को हिंदुओं को मारने की रणनीति बनाने की छूट दी गई है. इस दौरान उन्होंने हिंदुओं से हिंदू धर्म को बचाने का आग्रह किया.

इस वीडियो के पोस्ट होने के बाद ये सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था. वीडियो पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने पुजारी को नोटिस भी जारी किया था. इसके बाद उन्हें 17 जून को घर में ही नजरबंद कर दिया गया और उन पर कड़ी सुरक्षा में रखा गया है. ये नजरबंदी देर रात तक जारी रहेगी ताकि वे घर से बाहर न निकल सकें और किसी भी तरह कि सांप्रदायिक नफरत न फैले और जिले में कानून व्यवस्‍था कायम रहे.

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