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हाइलाइट्स

डाइवोर्स देने के एक मामले में पत्नी को 31 लाख 68 हजार रूपए भुगतान करने का आदेश
महिला की शादी वर्ष 2008 में पास के पल्लियमकारा के एक व्यक्ति से हुई थी
कोर्ट ने पाया कि महिला और उसके बच्चे को कम से कम 33,000 रुपये की जरूरत है

कोच्चि. केरल हाई कोर्ट ने एक मुस्लिम व्यक्ति को तलाक (Divorce by Talak) बोलकर डाइवोर्स देने के एक मामले में अपनी पत्नी को 31 लाख 68 हजार रूपए भुगतान करने का आदेश दिया है. टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक न्यायमूर्ति कौसर एडप्पागथ ने एक 33 वर्षीय महिला की याचिका पर सुनवाई करने के बाद उसके शौहर को भुगतान करने का आदेश सुनाया. याचिकाकर्ता महिला की शादी वर्ष 2008 में पास के पल्लियमकारा के एक व्यक्ति से हुई थी जो कि पांच साल बाद ही उसे तलाक देकर कही चला गया. महिला ने शादी के बाद एक बेटे को भी जन्म दिया था.

महिला ने किया था 1 करोड़ रुपये का दावा
अतिरिक्त सत्र न्यायालय के समक्ष एक दायर याचिका में महिला ने मुस्लिम महिला (तलाक पर अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत एक करोड़ रूपए का दावा किया था. साथ ही महिला ने ‘इद्दत’ अवधि के दौरान रख-रखाव के लिए 1,50,000 रु, और महर के रूप में दिया गया सोना भी वापस मांगा था.

महिला ने दावा किया कि उसके पति कतर में एक सरकारी स्वास्थ्य सेवा संस्थान में तकनीशियन है जिसका 2,00,000 रुपये वेतन है, वहीं व्यक्ति के अनुसार उसे महज 60 हजार रूपए ही मिलते हैं. हालांकि निचली अदालत ने महिला की गवाही पर भरोसा करते हुए कहा था कि पुरुष के पास 2,00,000 रुपये का वेतन है. न्यायालय ने सुनवाई के दौरान पाया कि महिला और उसके बच्चे को कम से कम 33,000 रुपये की जरूरत है जिसके बाद आठ साल की गणना करने के बाद कोर्ट ने महिला को 31 लाख 68 हजार रूपए भुगतान करने का आदेश दिया है.

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Tags: Kerala High Court, Muslim Woman, Triple Talaq law

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