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प्रेजवोडोव: यूक्रेन सीमा के पास मंगलवार 15 नवंबर को पोलैंड में गिरी मिसाइल और इससे हुई 2 लोगों की मौत के बाद बढ़े तनाव ने विश्व युद्ध छिड़ने की आशंकाओं को जन्म दे दिया था. हालांकि, पश्चिमी नेताओं ने बुधवार को इस आशंका को शांत करते हुए कहा कि पोलैंड में मिसाइल विस्फोट संभवत: एक दुर्घटना थी, जबकि कीव ने इस विचार पर जोर दिया कि रूस ने ही मिसाइल दागी थी. यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने रूस पर उंगली उठाई, लेकिन नेटो (NATO) की तरह संयुक्त राज्य अमेरिका भी वारसॉ के आकलन के समर्थन में दृढ़ता से सामने आया कि घातक मिसाइल शायद यूक्रेन द्वारा दागी गई थी. आपको बता दें कि पोलैंड नेटो (NATO) का सदस्य है. नेटो का यह मोटो है कि उसके एक सदस्य देश पर हमला मतलब गठबंधन में शामिल सभी देशों पर हमला.

वारसॉ और नेटो दोनों ने कहा कि पोलैंड के प्रेजवोडोव गांव में विस्फोट एक रूसी बैराज को रोकने के लिए फायर की गई यूक्रेनी वायु रक्षा मिसाइल के कारण हुआ था- जबकि संघर्ष शुरू करने के लिए अंततः मॉस्को को दोषी ठहराया गया. व्हाइट हाउस ने कहा कि उसने ‘पोलैंड के प्रारंभिक आकलन के विपरीत कुछ भी नहीं देखा’ – जबकि यह भी घोषणा की कि ‘इस दुखद घटना के लिए अंततः जिम्मेदार पक्ष रूस है.’ हालांकि, राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि कीव ने ऐसा कोई सबूत नहीं देखा जिससे यह साबित हो कि मिसाइल यूक्रेनी थी. उन्होंने किसी भी जांच का हिस्सा बनने और विस्फोट स्थल तक पहुंच के साथ-साथ घटना से संबंधित सभी प्रकार की डिटेल्स की मांग की.

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वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा, मिसाइल रूस ने ही दागी थी
जेलेंस्की ने कहा, ‘मुझे कोई संदेह नहीं है कि यह हमारी मिसाइल नहीं थी. हमारी सैन्य रिपोर्टों के आधार पर मुझे विश्वास है कि यह एक रूसी मिसाइल थी.’ इस ​घटना के तत्काल बाद यूक्रेन संघर्ष में एक नया मोड़ आने की आशंका जताई गई थी, जिसमें नेटो भी सक्रिय होता. लेकिन बुधवार तक राष्ट्रपति आंद्रेज डूडा ने पोलैंड के निष्कर्ष की घोषणा की कि…मिसाइल विस्फोट की संभावना यूक्रेन की अपनी हवाई सुरक्षा से उत्पन्न हुई थी. डूडा ने कहा कि यह बहुत संभव है कि सोवियत युग की मिसाइल को यूक्रेन द्वारा लॉन्च किया गया था, जिसे उन्होंने ‘दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना’ कहा, लेकिन इसका दोष उन्होंने रूस पर मढ़ा क्योंकि यूक्रेन पर उसके हमलों के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई.

यूक्रेन के ड्रोन हमले में मॉस्को के 2 तेल भंडारण डिपो तबाह
रूस में अब तक सबसे लंबी दूरी तक मार करते हुए यूक्रेन ने मॉस्को से महज 190 मील दूर स्थित तेल डिपो को ड्रोन से निशाना बनाया है. यूक्रेन के अधिकारी एंटन गेरास्चेंको ने इस डिपो से उठती आग की लपटों की तस्वीरें पोस्ट की हैं. तस्वीर में यूक्रेन की सीमा से करीब 100 मील दूर स्थित डिपो को भारी नुकसान हुआ दिख रहा है. यहां रूस के सरकारी पाइपलाइन ऑपरेटर ट्रांसनेफ्ट का लोगो भी लगा है. रूस की सरकारी टीवी ने बताया कि यह डिपो का टैंक खाली था. ड्रोन हमले के कारण इस स्थान पर करीब 12 फीट गहरा गड्ढा हो गया. रूस के 100 से ज्यादा मिसाइलों से यूक्रेन के शहरों को निशाना बनाने के अगले दिन ही यह हमला किया गया.

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