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जमुई. कानून-व्यवस्था को दुरुस्‍त रखने और लोगों की सुरक्षा के लिए बिहार पुलिस में बुधवार को 383 महिला सिपाहियों को औपचारिक तौर पर शामिल किया गया. जमुई के जिला पुलिस केंद्र में सभी 383 महिला प्रशिक्षु सिपाही का पासिंग आउट परेड संपन्‍न हुआ. पासिंग आउट परेड के बाद ये सभी बिहार पुलिस का हिस्‍सा बन गईं. अब बिहार के अलग-अलग जिलों में इनकी तैनाती की जाएगी. इनके कंधों पर कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी. बीते 1 साल से जमुई स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस द्वारा इन्हें प्रशिक्षण दिया जा रहा था. जमुई जिले के मलयपुर स्थित बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस की 11वीं वाहिनी द्वारा ट्रैनिंग लेने वाला यह पहला बैच है.

प्रशिक्षण खत्म होने के बाद पासिंग आउट परेड में शामिल होते हुए महिला सिपाही सुरक्षा की जिम्‍मेदारी निभाएंगी. इस मौके पर जमुई के डीएम, एसपी और बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस 11वीं वाहिनी के कमांडेंट के अलावा पटना रेल डीआईजी मुख्य रूप से शामिल हुए. पासिंग आउट परेड करवाने जमुई पहुंचे पटना रेंज के रेल डीआईजी राजीव रंजन ने सभी महिला सिपाहियों को शुभकामनाएं दीं. रेल डीआईजी राजीव रंजन ने बताया कि बिहार सरकार जिस तरह महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए योजनाएं चला रही हैं (खासकर नौकरियों में 33 प्रतिशत आरक्षण) यह उसी का नतीजा है. उन्‍होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढाने का ही नतीजा है कि इतनी बड़ी तादाद में महिला सिपाही बिहार पुलिस में शामिल हो रही हैं. उन्‍होंने आगे कहा कि पहले बिहार पुलिस की टीम में महिलाओं के न होने से पुलिसिंग में भी परेशानी होती थी.

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एक साल के कठिन ट्रेनिंग लेने के बाद बिहार पुलिस टीम की हिस्सा बनने पर महिला सिपाही काफी खुश दिखीं. उन्‍होंने बताया कि वे लोग ईमानदारी से अपना काम करेंगी. पासिंग आउट परेड में शामिल होने वाली रुकसाना खातून, प्रतिमा कुमारी, पूजा कुमारी आदि ने बताया कि उन्हें आज गर्व हो रहा है कि वे लोग बिहार पुलिस की टीम की हिस्सा बन गई हैं. अब उनके नाम के साथ ट्रेनी शब्द हट गया है. एक साल तक ट्रेनिंग लेकर अब वे हौसले और बुलंदी के साथ बिहार के लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए ईमानदारी से काम करेंगी. उन्‍होंने बताया कि उन्हें गर्व है कि वह लोग प्रदेश और देश के लिए काम करने जा रही हैं.

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