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महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा समुदाय में गहरी पकड़ रखने वाले उदयनराजे प्रताप सिंह भोंसले छत्रपति शिवाजी की पारंपरिक उपाधि रखते हैं. शिवाजी महाराज के 13वें वंशज उदयनराजे भोंसले सतारा से एनसीपी के 3 बार के सांसद हैं और हाल ही में एनसीपी का साथ छोड़कर बीजेपी का हाथ थामा है.

हालांकि 28 साल के सियासी करियर में उदयनराजे कई पार्टियों में शामिल हुए. पहले बीजेपी फिर कांग्रेस और फिर एनसीपी यानी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी में रहे. लेकिन पीएम मोदी के विचारों से प्रभावित हो कर उन्होंने एनसीपी छोड़ दी और फिर से बीजेपी में शामिल हो गए.

बतौर निर्दलीय लड़ा पहला संसदीय चुनाव

उदयनराजे ने भोंसले ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत नगरसेवक के रूप में की. साल 1991 में वो नगर पालिका चुनाव में खड़े हुए. वार्ड का चुनाव जीतने के बाद वो पांच साल नगर सेवक रहे. उन्होंने पहला संसदीय चुनाव बतौर निर्दलीय उम्मीदवार लड़ा. साल 1996 में उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रतापराव भोंसले के खिलाफ चुनाव लड़ा.

हालांकि उदयन राजे भोंसले चुनाव नहीं जीत सके लेकिन वो 1 लाख 13 हज़ार 685 वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रहे. एक निर्दलीय नेता को इतने सारे वोट मिलने पर सब हैरान भी थे. बीजेपी नेता स्वर्गीय गोपीनाथ मुंडे ने उदयनराजे भोंसले की मराठा वोटरों पर पकड़ को भांपते हुए उन्हें बीजेपी में शामिल करा दिया. साल 1998 में उदयनराजे भोंसले सतारा विधानसभा सीट से चुनाव जीते और शिवसेना-बीजेपी की सरकार में राजस्व मंत्री बने.

एनसीपी के टिकट पर लगाई जीत की हैट्रिक

साल 1999 में  विरोधी उम्मीदवार अभय सिंह राजे के एक समर्थक शरद लेहवे की हत्या के आरोप में वो 22 महीने तक जेल में रहे . आरोप से बरी होने के बाद जेल से रिहा हो गए लेकिन उसके बाद चुनाव हार गए.

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साल 2008 में उदयनराजे कांग्रेस में शामिल हो गए. साल 2009 में जब कांग्रेस ने सतारा की सीट एनसीपी के लिए छोड़ दी तो उदयनराजे एनसीपी में शामिल हो गए और उन्होंने सतारा से चुनाव लड़ा. सतारा से उदयनराजे ने हैटट्रिक लगाते हुए एनसीपी के टिकट पर लगातार 2009, 2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव लड़ा और जीता. उदयनराजे एक बार निर्दलीय और तीन बार एनसीपी के सांसद रह चुके हैं.

इंजीनियरिंग की डिग्री ले चुके हैं उदयनराजे

उदयनराजे का जन्म नासिक में 24 फरवरी 1966 को हुआ. उनके पिता का नाम प्रताप सिंह और मां का नाम कल्पना राजे हैं. उन्होंने प्रोडक्शन इंजीनियरिंग में ग्रेजुएट किया है. 20 नवंबर 2003 में उनका विवाह दमयंती राजे से हुआ. उनके एक बेटी और एक बेटा हैं.

देवेंद्र फडणवीस के साथ हैं अच्छे संबंध

उदयनराजे भोंसले के महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ अच्छे रिश्ते हैं. देवेंद्र फडणवीस ने उदयनराजे भोंसले की मराठा वोटरों में लोकप्रियता को भुनाने के लिए बीजेपी से जोड़ा. उन्होंने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस मौजूदगी में भाजपा का दामन थामा. ऐसे में मराठा समुदाय का एक और कद्दावर चेहरा महाराष्ट्र में बीजेपी के लिए तैयार हो गया है.

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