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नई दिल्ली. केंद्र सरकार आने वाले कुछ दिनों में ही बुंदेलखंड की जनता को एक्सप्रेस वे की सौगात देने जा रही है. 14848.09 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हो रहा एक्सप्रेस वे का लोकार्पण कुछ ही दिनों में मोदी सरकार करने जा रही है. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे लगभग 296 किलोमीटर लंबा है जिसके चार लेन बनकर लगभग तैयार हैं और इसका भविष्य में 6 लेन तक विस्तारीकरण करने की योजना है.  बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे बनने के साथ ही चित्रकूट, बांदा, महोबा, हमीरपुर, जालौन, ओरैया और इटावा जिलों  से होते हुए बुंदेलखंड एक्सप्रेस-वे आगरा एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से देश की राजधानी दिल्ली से जुड़ेगा.

एक्सप्रेस वे का काम अपने अंतिम चरण में
मिली जानकारी के मुताबिक बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे पर चार रेलवे ओवर ब्रिज के निर्माण का काम लगभग पूरा हो गया है. इसके साथ ही एक्सप्रेस-वे के कुल 19 फ्लाई ओवर्स का निर्माण कार्य भी अंतिम चरण में है. यमुना नदी और बेतवा नदी पर पुल का निर्माण कार्य भी रिकॉर्ड समय में पूरा कर लिया गया है. केन नदी पर बन रहा पुल का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो गया है.

एक्सप्रेस वे की यह खासियत
लगभग 296 किलोमीटर लंबे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर फिलहाल चार लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है जिसे भविष्य में 6 लेन का बना दिया जाएगा. इसके साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक्सप्रेसवे पर 15 पेट्रोलिंग वाहनों की तैनाती की जाएगी. एक्सप्रेसवे पर 3.75 मीटर चौड़ाई की सर्विस रोड स्टैगर्ड रूप में बनाई गई है. इटावा में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे से जुड़ेगा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे चित्रकूट के भरतकूप से इटावा होकर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर कुदरैल के पास मिलेगा. इस एक्सप्रेसवे के बन जाने से बुंदेलखंड अन्य एक्सप्रेस वे जैसे आगरा-लखनऊ, पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और यमुना एक्सप्रेसवे के माध्यम से अन्य जिलों से जुड़ जाएगा. बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर 6 पेट्रोल पंप भी होंगे. इसके अलावा एक्सप्रेसवे केन, बेतवा, बागेन, श्यामा, चन्दावल, बिरमा, यमुना और सेंगर नदियों के ऊपर से गुजरेगा.

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बुंदेलखंड की जनता को केंद्र की यह भी सौगात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुंदेलखंड के विकास को लेकर के लगातार अपनी प्रतिबद्धता जताते रहते हैं इस कड़ी में वे बुंदेलखंड की जनता को एक्सप्रेस वे की सौगात के साथ-साथ रिवर लिंकिंग परियोजना की सौगात भी दी है. इस परियोजना में 44605 करोड़ों रुपये खर्च होंगे और इसका 90 फ़ीसदी हिस्सा केंद्र सरकार वहन करेगी. इस परियोजना में 176 किलोमीटर की लिंक कनाल का निर्माण किया जाएगा जिस से केन और बेतवा नदी को जोड़ा जा सके. इस परियोजना को 8 साल में पूरा कर लिया जाएगा.

केन बेतवा लिंक परियोजना से यह होगा फायदा
बुंदेलखंड के विकास को लेकर के पिछले साल केंद्रीय कैबिनेट ने केन बेतवा लिंक परियोजना  को अपनी मंजूरी दे दी है. माना जा जा रहा है कि इसके कारण बुंदेलखंड की आर्थिक और सामाजिक दशा और दिशा दोनों में परिवर्तन होगा. सरकार इस परियोजना के माध्यम से पनबिजली भी बनाने जा रही है साथ ही साथ सोलर ऊर्जा का भी उत्पादन किया जाएगा.केंद्र की मोदी सरकार का दावा है कि इस परियोजना से बुंदेलखंड में सामाजिक और आर्थिक विकास होगा. सरकार का दावा है कि इससे पेयजल की समस्या खत्म होगी साथ ही साथ ग्राउंडवाटर रिचार्ज भी होगा. इस परियोजना से कुल 10 लाख 62 हजार हेक्टेयर भूमि की सिंचाई होगी. साथ ही साथ लगभग 62 लाख लोगों तक पीने का पानी पहुंचाया जा सकेगा. इसमें से 811000 हेक्टेयर सिंचाई भूमि मध्य प्रदेश से है बाकी की भूमि उत्तर प्रदेश की होगी. इस परियोजना से उत्तर प्रदेश के बांदा, महोबा, झांसी और ललितपुर जिले को फ़ायदा मिलेगा. इसके साथ ही साथ मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ पन्ना, छतरपुर, दमोह, सागर और दतिया जिले को फायदा होगा. इसके साथ ही साथ मध्य प्रदेश के शिवपुरी रायसेन और विदिशा जिले में भी जल की आपूर्ति की जाएगी.
बुंदेलखंड में बन रहा है डिफेंस कॉरिडोर
इसके साथ ही साथ केंद्र की मोदी सरकार बुंदेलखंड के विकास को लेकर के यहां एक डिफेंस कॉरिडोर भी बनाने जा रही है. डिफेंस कॉरिडोर के लिए केंद्र सरकार ने 400 करोड़ों रुपए की घोषणा भी कर दी है.यूपी में बनने वाला यह रक्षा गलियारा झांसी, चित्रकूट, आगरा, अलीगढ़, कानपुर एवं लखनऊ में विकसित किया जा रहा है.इसका करीब 60 फीसदी हिस्सा झांसी में है. माना यह जा रहा है कि इस कॉरिडोर के बनने से 3 लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा. इस रक्षा गलियारे में अपनी इकाई लगाने के लिए देसी समेत विदेशी कंपनियों ने भी दिलचस्पी भी दिखाई है. इससे देश को रक्षा उत्पादों में आत्मनिर्भर भी बनाया जा सकेगा. मेक इन इंडिया के तहत इस गलियारे में बुलेट प्रूफ जैकेट, ड्रोन, लड़ाकू विमान, हेलीकॉप्टर तोप एवं उसके गोले, मिसाइल, बंदूकें निर्मित होंगी. यहां छोटी यूनिट भी लगेगी जहां पैराशूट, दस्ताने आदि बनाए जाएंगे.
बीजेपी के युवा नेता मनोज यादव का मानना है कि बुंदेलखंड के विकास को लेकर के आजादी के बाद से कोई प्रयास नहीं किए गए जिसके कारण यह विकास के मुख्य धारा से पिछड़ गया. मनोज यादव का कहना है कि पीएम नरेंद्र मोदी बुंदेलखंड के विकास को लेकर के प्रतिबंध है और इसको लेकर के लगातार काम कर रहे हैं जिसका परिणाम है कि बुंदेलखंड आज किसी भी मायने में विकास की दौड़ में पीछे नहीं रह गया है और आने वाले दिनों में यहां विकास की बयार बहेगी.

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Tags: Bundelkhand, PM Modi

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