बोरिस जॉनसन का भारत दौरा रद्द, गणतंत्र दिवस को बनने वाले थे मुख्य अतिथि- India TV Hindi
Image Source : AP बोरिस जॉनसन का भारत दौरा रद्द, गणतंत्र दिवस को बनने वाले थे मुख्य अतिथि

लंदन: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इस महीने होने वाली अपनी भारत यात्रा को रद्द कर दिया है। वह 26 जनवरी गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आने वाले थे। बोरिस जॉनसन ने अपने देश में कोरोना वायरस की गंभीर स्थिति के मद्देनजर भारत का दौरा रद्द किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 नवंबर को टेलीफोन पर बातचीत के दौरान जॉनसन को औपचारिक रूप से आमंत्रित किया था।

इससे पहले 2020 में बोरिस जॉनसन ने 70 वें जन्मदिन पर अपने भारतीय समकक्ष “दोस्त” नरेंद्र मोदी को शुभकामनाएं दीं थी और आशा व्यक्त की कि दोनों नेता जल्द ही मिलेंगे। उन्होंने ट्विटर पर एक पोस्ट पर कहा था, “मेरे मित्र नरेंद्र मोदी को उनके 70 वें जन्मदिन पर बहुत-बहुत शुभकामनाएं। मैं आपको जल्द ही देखने की उम्मीद करता हूं”

लेकिन अब ब्रिटेन में कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के तेजी से फैलते खतरे के बीच ब्रिटेन ने सख्त लॉकडाउन लागू किया गया है और मंगलवार को प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने कहा कि संक्रमण जितनी तेजी से फैल रहा है वह ‘‘बहुत दुखी करने वाला और चिंताजनक’’ है और फिलहाल देश के अस्पतालों पर महामारी का सबसे ज्यादा दबाव है। महामारी की नयी लहर से निपटने के लिए सभी स्कूलों और व्यवसायों को बंद करने संबंधी स्कॉटलैंड का नया कानून मंगलवार से प्रभावी हुआ जबकि ब्रिटेन का कानून बुधवार सुबह से प्रभावी होगा। 

इसबीच, जॉनसन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे घर से काम करने के नियमों का कड़ाई से पालन करें। नए कानून के फरवरी मध्य तक प्रभावी रहने की संभावना है। टीकाकरण और संक्रमण की दर के आधार पर इसकी समीक्षा की जाएगी। सोमवार की रात टीवी पर देश के नाम संबोधन में जॉनसन ने कहा, ‘‘हमारे वैज्ञानिकों ने पुष्टि की है कि नया स्ट्रेन (प्रकार) 50 से 70 प्रतिशत तक ज्यादा संक्रामक है इसका अर्थ है कि आपके इससे संक्रमित होने और दूसरों को संक्रमित करने की आशंका बहुत-बहुत ज्यादा है।’’ 

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उन्होंने कहा, ‘‘हमें राष्ट्रव्यापी सख्त लॉकडाउन लागू करना होगा ताकि इस स्ट्रेन को नियंत्रित कर सकें। इसका अर्थ है कि सरकार एक बार फिर आपको घर के भीतर रहने का निर्देश दे रही है। आप कानूनी मंजूरी के तहत सिर्फ कुछ ही कारणों से जैसे जरुरी चीजों की खरीददारी के लिए, अगर आप बिल्कुल घर से काम नहीं कर पा रहे हों तो तो दफ्तर जाने के लिए, इलाज या जांच के लिए या फिर घरेलू हिंसा से बचने के लिए घर से बाहर निकल सकते हैं।’’ 

वेल्स और नॉर्दन आयरलैंड के विकसित क्षेत्र पहले से ही दिसंबर के मध्य से सख्त लॉकडाउन के तहत हैं। ताजा आंकड़ों के अनुसार, सिर्फ इंग्लैंड में कोविड-19 के मरीजों में पिछले एक सप्ताह में करीब एक तिहाई वृद्धि हुई है और उनकी संख्या करीब 27,000 हो गई है। यह संख्या अप्रैल में महामारी जब चरम पर थी उसके मुकाबले 40 प्रतिशत ज्यादा है। 29 दिसंबर को ब्रिटेन में 80,000 हजार से ज्यादा लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। पिछले सप्ताह संक्रमण से मरने वालों की संख्या में भी 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। जॉनसन ने कहा कि तेजी से फैल रहे संक्रमण के खिलाफ लड़ाई में ब्रिटेन एक निर्णायक मोड़ पर है। 

उन्होंने मार्च 2020 में लगाए लॉकडाउन की तरह ही संपूर्ण लॉकडाउन की घोषणा की जिसमें स्कूल और कारोबार बंद रहेंगे। जॉनसन ने कहा, ‘‘आज हमारे अस्पताल कोविड-19 के कारण पहले के मुकाबले कहीं अधिक दबाव में हैं। यह साफ है कि वायरस के इस नए रूप को काबू में करने के लिए हमें मिलकर बहुत कुछ करने की जरूरत है। इंग्लैंड में हमें राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन लगाना होगा जो इस वायरस से मुकाबला करने के लिहाज से बहुत सख्त हो। इसका मतलब यह है कि सरकार एक बार फिर आपको घर पर रहने का निर्देश दे रही है।’’ 

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जॉनसन ने कहा, ‘‘हम इतिहास का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम चला रहे हैं। ब्रिटेन में पूरे यूरोप के मुकाबले कहीं अधिक संख्या में लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है।’’ उन्होंने कहा कि यदि सबकुछ उम्मीद के मुताबिक रहा तो फरवरी तक चार शीर्ष प्राथमिकता वाले समूह के सभी लोगों को हम टीके की पहली खुराक दे सकेंगे जिसके बाद कई पाबंदियों को हटाना संभव हो पाएगा। उन्होंने संबोधन में लोगों से कहा कि बहुत जरूरी खरीदारी करने, नियमित व्यायाम करने या चिकित्सा कारणों से ही वे बाहर निकलें। जॉनसन ने कहा कि ब्रिटेन ‘‘संघर्ष के अंतिम चरण’’ में प्रवेश कर रहा है।

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