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नई दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने सोमवार को देश में मंकीपॉक्स के दो मामले सामने आने के बाद हवाईअड्डों और बंदरगाहों पर भारत आने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के कदमों की समीक्षा की. केरल के कन्नूर का एक 31 वर्षीय व्यक्ति दुबई से लौटने पर सोमवार को मंकीपॉक्स से संक्रमित पाया गया. इससे यह भारत में इस बीमारी का दूसरा पुष्ट मामला आया है. केरल के कोल्लम जिले में संयुक्त अरब अमीरात से लौटे एक 35 वर्षीय व्यक्ति में गुरुवार को मंकीपॉक्स के पहले पुष्ट मामले का पता चला था. इसके बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यहां एक उच्च स्तरीय बहु-अनुशासनात्मक दल को सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को स्थापित करने में राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता के लिए भेजा था.

सोमवार की बैठक में हवाईअड्डे और बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों (एपीएचओ और पीएचओ) और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण के क्षेत्रीय कार्यालयों के क्षेत्रीय निदेशकों ने भाग लिया.

जोखिम को कम करने के लिए जांच जरूरी
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा, भारत में आने वाले सभी अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की सख्त स्वास्थ्य जांच सुनिश्चित करने की सलाह दी गयी है, जिससे देश में मंकीपॉक्स के मामलों के जोखिम को कम किया जा सके. स्वास्थ्य मंत्रालय के ‘मंकीपॉक्स रोग के प्रबंधन के लिए दिशानिर्देश’ के अनुसार उन्हें मंकीपॉक्स रोग की नैदानिक ​​प्रस्तुति में सलाह दी गयी. उन्हें समय पर स्थानांतरित करने और अलग रखने के लिए प्रत्येक बंदरगाह के लिए अस्पताल की सुविधा निर्धारित करने को कहा है. बैठक में अंतर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रभाग और आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया.

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केरल में मंकीपॉक्स का पहला मामला
निवास ने कहा, ”आंध्र प्रदेश में मंकीपॉक्स का कोई मामला नहीं है. चिंता की कोई बात नहीं है. देश में 14 जुलाई को केरल में मंकीपॉक्स का पहला मामला दर्ज किया था. वह व्यक्ति यूएई से लौटा था और वायरस से संक्रमित पाया गया था. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, मंकीपॉक्स एक जूनोसिस वायरल (पशुओं से मनुष्यों में फैलने वाला वायरस) है, जिसमें चेचक की तरह लक्षण दिखाई देते हैं.विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक दुनिया भर में अब तक 63 देशों में मंकीपॉक्स वायरस की पुष्टि हो चुकी है. 12 जुलाई तक इन 63 देशों में मंकीपॉक्स के 9,200 मामले सामने आए हैं. तेजी से बढ़ रहे मामले के कारण दुनिया परेशान है.

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