e0a4aee0a4b2e0a58de0a49fe0a580e0a4aae0a4b2 e0a4b0e0a589e0a495e0a587e0a49f e0a4b2e0a589e0a4a8e0a58de0a49ae0a4b0 e0a494e0a4b0 e0a4b9
e0a4aee0a4b2e0a58de0a49fe0a580e0a4aae0a4b2 e0a4b0e0a589e0a495e0a587e0a49f e0a4b2e0a589e0a4a8e0a58de0a49ae0a4b0 e0a494e0a4b0 e0a4b9 1

हाइलाइट्स

जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर ने कीव का दौरा किया
‘एयर डिफेंस के लिए 2 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और 4 होवित्जर देंगे’
24 फरवरी को रूसी आक्रमण के बाद से स्टीनमीयर की पहली यात्रा

कीव. रूसी मिसाइलों द्वारा ताबड़तोड़ अटैक के बाद जर्मनी ने यूक्रेन को हथियार देने का फैसला किया है. बर्लिन यूक्रेन को एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति करेगा. जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर ने ज़ेलेंस्की से मुलाकात के बाद कहा कि वे यूक्रेन में एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति जारी रखेंगे. जर्मनी यूक्रेन को दो मार्स (MARS II/MLRS) मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर और 4 हॉवित्जर (Howitzers) तोप प्रदान करेगा.

जर्मन न्यूज वेबसाइट DW के अनुसार, 24 फरवरी को रूसी आक्रमण के बाद से यह स्टीनमीयर की यूक्रेन की पहली यात्रा थी. उन्होंने अपनी यात्रा के दौरान कहा, ‘यूक्रेनियन को मेरा संदेश यह है कि हम न केवल आपके साथ खड़े हैं. बल्कि हम आर्थिक, राजनीतिक और सैन्य रूप से भी यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेंगे.’ उन्होंने आगे कहा कि ‘यह कितना दुखद है, कितना विनाश है. यूक्रेन में लोगों को हमारी जरूरत है.’

जर्मनी में 1990 के बाद से मार्स (MLRS) मध्यम आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम के तहत उपयोग में है. मार्स 10 से 40 किमी की दूरी पर अलग-अलग लक्ष्यों पर विभिन्न प्रकार के गोला-बारूद दाग सकता है, वहीं हॉवित्जर तोप 40 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम है. हॉवित्जर में एक मोटा बैरल होता है और आमतौर पर यह एक आर्टिलरी गन के बीच एक बड़ा रेंज वाला हथियार होता है, जिसमें छोटे, उच्च-वेग वाले गोले होते हैं, जो सपाट प्रक्षेप वक्र पर दागा जाता है.

READ More...  हिन्दू देवी का अवतार बता चीनी महिला ने भक्तों को खिलाया मानव मल, ऐंठे करोड़ों रुपये

बता दें कि यूक्रेन को जर्मन और अमेरिका निर्मित कई रॉकेट लॉन्चर मिले हैं. इसके लिए कीव के सहयोगियों ने जेलेंस्की से वादा किया था कि वे यूक्रेन को भारी हथियारों की डिलीवरी करेंगे, ताकि यूक्रेनी सेना मजबूती से लड़ सके.

बता दें कि कीव ने पहले कहा था कि उसे रूसी सैनिकों को पीछे हटाने के लिए 1,000 हॉवित्जर, 500 टैंक और अन्य भारी हथियारों के साथ 1,000 ड्रोन की जरूरत है, जिसके बाद जर्मनी ने यूक्रेन को 200 रॉकेट सहित दो और मार्स II मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर देने का फैसला किया था और इससे पहले भी तीन MARS II दिए थे, जो यूएस-निर्मित M270 मल्टीपल लॉन्च रॉकेट सिस्टम का जर्मन संस्करण था. (रॉयटर से इनपुट के साथ)

Tags: Germany, Russia ukraine war

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)