
मुजफ्फरपुर5 घंटे पहले
पकड़े गए अपराधियों के साथ एसएसपी और टीम।
मुजफ्फरपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के अलकापुरी में पिछले दिनों एक सेल्यूलर कंपनी के स्कॉर्पियो ड्राइवर प्रशांत कुमार को गोली मारने के मामले का पुलिस ने उद्भेदन कर लिया है। इसके अलावा दो अन्य लूटपाट और फायरिंग की घटनाओं का पर्दाफश किया गया है। इसमें शूटर समेत सात को गिरफ्तार किया गया है। इसमें दो अपराधी अंतरजिला यानी समस्तीपुर और मोतिहारी के हैं। इन्होंने हाल के दिनों करीब आधा दर्जन घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस की नींद उड़ा दी थी। इनकी गिरफ्तारी से पुलिस ने राहत की सांस ली है।
इसकी जानकारी एसएसपी जयंतकांत ने दी। उन्होंने कहा कि इनके पास से लूटी गई बाइक, 26 किलोग्राम गांजा, अर्धनिर्मित पिस्टल और गोली समेत अन्य सामान बरामद हुआ है। इसी गिरोह ने कांटी में बाइक लूट और बाइक लूटने की कोशिश की घटना को अंजाम दिया था। इस दौरान फायरिंग भी की थी। दोबारा एक अपराधिक घटना को अंजाम देने की साजिश रच रहे थे। तभी पुलिस ने छापेमारी कर सातों को दबोच लिया।
पूछताछ में बताया कि ये गैंग मोबाइल टावर से डीजल की चोरी भी करता था। जिसपर मैनेजर धर्मेंद्र ने नकेल कस दिया था। इस कारण ये लोग उसकी हत्या करना चाहते थे। उस दिन भी मैनेजर की हत्या करने पहुंचे थे। लेकिन, गोली ड्राइवर प्रशांत के लग गई। लोग जुटने लगे तो अपराधी भाग निकले थे।
विशेष टीम ने की कारवाई
एसएसपी जयंतकांत ने बताया की घटना के बाद डीएसपी वेस्ट अभिषेक आनंद और टाउन डीएसपी राघव दयाल के नेतृत्व में टीम बनाई गई थी। टीम ने मानवीय और वैज्ञानिक तरीके से गैंग का पता किया। फिर इनतक पहुंचने में सफल रहे। पकड़े गए अपराधियों में अहियापुर बैरिया का विकाश कुमार उर्फ छोटू, रामनाथ साह उर्फ भंडारी, राहुल सहनी, नीरज सहनी, मनीष कुमार, समस्तीपुर पटोरी का मोहम्मद तौहीद और मोतिहारी करपुर पकड़ी का निरंजन कुमार है। इन सभी का अपराधिक रिकॉर्ड रहा है। जेल भेजने की कवायद की जा रही है।
गांजा तस्करी रैकेट से जुड़ा गैंग
एसएसपी ने कहा की ये गैंग मादक पदार्थ की तस्करी करने वाले रैकेट से भी जुड़ा हुआ है। इनके पूरे सिंडीकेट का पता किया जा रहा है। इसी आधार पर आगे की रणनीति बनाई जा रही है। बता दें की 23 नवंबर की रात धर्मेंद्र स्कॉर्पियो से जा रहे थे। प्रशांत ड्राइव कर रहा था। इसी दौरान अचानक से अलकापुरी में घेरकर अपराधियों ने फायरिंग की। जिसमे एक गोली प्रशांत को लगी थी। हल्ला हंगामा होने पर अपराधी भाग गए थे। मैनेजर इस घटना में बच गए थे।
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