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मुंगेर2 घंटे पहले

21 जून को आज विश्व योग दिवस मनाया जा रहा है। योगनगरी के नाम से प्रसिद्ध मुंगेर में योग दिवस पर अलग ही माहौल होता है। यहां का बिहार योग विद्यालय (योग आश्रम) पूरी दुनिया में मशहूर है। योग को बढ़ावा देने में इस आश्रम की अहम भूमिका रही है। इसकी स्थापना स्वामी सत्यानंद सरस्वती ने की थी । कोरोना काल की वजह से पिछले दो बार से योग दिवस पर किसी तरह का आयोजन नहीं हो रहा था। इस बार भी कोई खास कार्यक्रम का आयोजन नहीं है।

बड़ी संख्याएं में महिलाएं भी यहां सिखती हैं योग।

बड़ी संख्याएं में महिलाएं भी यहां सिखती हैं योग।

बिहार योग विद्यालय मुंगेर में 1963 में स्थापित किया गया था। यह विद्यालय सत्यानन्द योग के नाम से पूरे विश्व में योग का प्रचार-प्रसार करता है। आश्रम की ओर से योग दिवस के मौके पर कई कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता था। योग को जन जन तक पहुंचाया जा सके। सत्यानंद सरस्वती ने देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी लोगों को योग से स्वास्थ्य लाभ दिलाया । मुंगेर योग आश्रम की दुनिया के 77 देशों में शाखाएं हैं।

योग आश्रम में योगा करते हुए स्कूली छात्र।

योग आश्रम में योगा करते हुए स्कूली छात्र।

फिलहाल, आश्रम के कर्ताधर्ता स्वामी निरंजनानंद सरस्वती हैं। इन्हें योग के क्षेत्र में अतिविशिष्ठ कार्य के लिए पदम् भूषण से सम्मानित किया गया है। योग आश्रम से 40 वर्षो से जुड़े शिव कुमार रूंगटा बताते हैं कि आज मुंगेर का नाम पूरी दुनिया में है। वहीं, 30 सालों से योगाश्रम से जुड़े डॉ. मुकेश कुमार सिन्हा बताते हैं की योग दिवस और मुंगेर का एक गहरा संबंध रहा है। योग दिवस पर कई कार्यक्रमों का यहां आयोजन होता आया है।

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मुंगेर आश्रम में ऐसे कर सकते हैं योग

बिहार योग विद्यालय मुंगेर में योग सीखने के लिए आम लोगों को फार्म भरने के बाद रजिस्ट्रेशन किया जाता है। इंटरनेट के जरिए भी रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकते हैं। योग आश्रम में योग प्रशिक्षण के साथ बीमारी दूर करने के लिए योग करना चाहते हैं। उन्हें लगभग 3 हजार रुपया लगता है। इसमें आश्रम में रहना, खाना सबकुछ उसी पैसे के अंदर होता है। दोबारा किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगता है।

मीडिया प्रभारी शिव कुमार रूंगटा ने बताया कि आश्रम में योग 1 वर्षीय, 2 वर्षीय के अलावा सर्टिफिकेट कोर्स के लिए चार महीने का योग सिखाया जाता है। हालांकि कोरोना के कारण पिक्ष्ले दो वर्षों से पादुका दर्शन, गंगा आश्रम को बंद रखा गया है। जिस कारण स्थानीय लोग सहित अन्य राज्य एवं देश विदेश के नागरिकों का भी अभी रजिस्ट्रेशन बैन है।

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