e0a4b0e0a4bee0a49ce0a495e0a581e0a4aee0a4bee0a4b0 e0a495e0a58b e0a4b2e0a497e0a4a4e0a4be e0a4a5e0a4be e0a4a8e0a4bee0a4a8e0a4be e0a4aa
e0a4b0e0a4bee0a49ce0a495e0a581e0a4aee0a4bee0a4b0 e0a495e0a58b e0a4b2e0a497e0a4a4e0a4be e0a4a5e0a4be e0a4a8e0a4bee0a4a8e0a4be e0a4aa 1

हाइलाइट्स

1993 में आई फिल्म ‘तिरंगा’ देशभक्ति पर थी आधारित.
दोनों ही कलाकार मूडी थे और अपनी शर्तों पर काम करते थे.

मुंबई. देशभक्ति पर आधारित फिल्म ‘तिरंगा’ (Tirangaa) जब आई थी तो इसे सभी ने पसंद किया था. फिल्म में एक तरफ राजकुमार (Raaj Kumar) थे तो दूसरी तरफ नाना पाटेकर (Nana Patekar) थे. ये दोनों ही कलाकार मनमौजी थे और अपनी शर्तों पर काम करना पसंद करते थे. फिल्म में अपने अभिनय से प्रभावित करने वाले ये दोनों कलाकार सेट पर एक दूसरे से ज्यादा बात नहीं करते थे. शॉट ओके होने के बाद दोनों अलग-अलग बैठ जाया करते थे. आइए, आपको फिल्म से जुड़ी कुछ अनसुनी बातें बताते हैं.

फिल्ममेकर मेहुल कुमार ने अपनी फिल्म ‘तिरंगा’ के लिए इन दोनों कलाकारों का चयन किया था. 1993 में आई इस एक्शन ड्रामा में राजकुमार ने ब्रिगेडियर सूर्यदेव सिंह का और नाना पाटेकर ने इंस्पेक्टर शिवाजी राव वाघले का किरदार निभाया था. निर्माता निर्देशक मेहुल कुमार (Mehul Kumar) के लिए इन दोनों दिग्गज और मूडी कलाकारों से साथ काम करवाना आसान नहीं था.

जाहिल मानते थे…
मेहुल पहले भी कई फिल्मों में राजकुमार के साथ काम कर चुके थे इसलिए उन्हें राजकुमार के स्वभाव का अंदाजा था. जब ‘तिरंगा’ की प्लानिंग हो रही थी तो मेहुल के जेहन में सबसे पहले राजकुमार का ही नाम था. वहीं, दूसरी ओर जब नाना का नाम भी फिल्म के लिए सामने आया तो मेहुल को लग रहा था कि दोनों को साथ लेना आसान नहीं रहेगा. खबरों के अनुसार, जब मेहुल ने राजकुमार को बताया था कि फिल्म में नाना भी होंगे तो उनका कहना था, ‘सुना है, वह जाहिल है.’

READ More...  Esha Gupta New PHotos: ईशा गुप्ता ने फिर बढ़ाया टेम्प्रेचर, फोटो शेयर कर बोलीं- 'खुशियां'

सेट पर नहीं होती थी बातचीत
नाना पाटेकर ने भी राजकुमार के बारे में बहुत कुछ सुन रखा था. राजकुमार सीधे बोलने में वे विश्वास करते थे और अक्सर साथी कलाकारों को कुछ भी कर दिया करते थे. इसे लेकर नाना ने फिल्ममेकर मेहुल को साफ कह दिया था कि यदि राजकुमार ने उनके काम में कोई दखलअंदाजी की तो वे फिल्म बीच में ही छोड़ देंगे. खबरों की मानें तो दोनों ही कलकार सीन होने के बाद सेट पर आपस में बात नहीं किया करते थे.

मनोज वाजपेयी जब पहाड़ी की चोटी से बोले- ‘मुंबई का किंग कौन’; उनके पैरों में लेटा था ये बड़ा फिल्ममेकर, मजेदार है किस्सा!

भले ही दोनों मूडी कलाकारों ने आपस में कम बातें कीं लेकिन मेहुल की यह फिल्म सफल साबित हुई. खासकर फिल्म के डायलॉग काफी हिट हुए थे.

Tags: Entertainment news., Nana patekar

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)