e0a4b0e0a582e0a4b8e0a580 e0a4aae0a4a4e0a58de0a4b0e0a495e0a4bee0a4b0 e0a4a8e0a587 e0a4a8e0a580e0a4b2e0a4bee0a4ae e0a495e0a4bfe0a4af
e0a4b0e0a582e0a4b8e0a580 e0a4aae0a4a4e0a58de0a4b0e0a495e0a4bee0a4b0 e0a4a8e0a587 e0a4a8e0a580e0a4b2e0a4bee0a4ae e0a495e0a4bfe0a4af 1

मॉस्को. रूस और यूक्रेन के बीच साढ़े तीन महीने से जंग जारी है. जंग में यूक्रेन तबाह हो रहा है. अमेरिका समेत कई देशों ने यूक्रेन की तरफ मदद का हाथ बढ़ाया है. इस बीच रूस के एक पत्रकार ने यूक्रेन की मदद कर एक मिसाल पेश किया है. रूसी पत्रकार दिमित्रि मुरातोव (Russian journalist Dmitry Muratov) ने शांति के लिए मिले अपने नोबेल पुरस्कार की सोमवार रात नीलामी कर दी. मुरातोव नीलामी से मिलने वाले पैसे यूक्रेन में युद्ध से विस्थापित हुए बच्चों की मदद के लिए सीधे यूनीसेफ (UNICEF)को देंगे.

अक्टूबर 2021 में गोल्ड मेडल से सम्मानित दिमित्रि मुरातोव स्वतंत्र रूसी अखबार ‘नोवाया गजट’ की स्थापना की और वह मार्च में अखबार के बंद होने के समय इसके मुख्य संपादक थे. यूक्रेन पर रूस के हमले के मद्देनजर सार्वजनिक असंतोष को दबाने और पत्रकारों पर रूसी कार्रवाई के चलते यह अखबार बंद कर दिया गया था.

NATO का दावा- कई साल तक चलेगा युद्ध, रूस ने कहा- जल्द मिलेगी बड़ी कामयाबी

मुरातोव ने पुरस्कार की नीलामी से मिली 5,00,000 डॉलर की नकद राशि धर्मार्थ के लिए दान करने की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि इस दान का उद्देश्य ‘‘शरणार्थी बच्चों को भविष्य के लिए एक मौका देना है.’’

मुरातोव ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह खासतौर पर उन बच्चों के लिए चिंतित हैं, जो यूक्रेन में संघर्ष के कारण अनाथ हो गए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘हम उनका भविष्य लौटाना चाहते हैं.’’

मुरातोव ने हेरीटेज ऑक्शंस द्वारा जारी वीडियो में कहा कि यह अहम है कि रूस के खिलाफ लगाए गए अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों से दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल दवाएं और अस्थि मज्जा प्रतिरोपण जैसी मानवीय सहायता जरूरतमंदों तक पहुंचने से न रुके. नीलामी प्रक्रिया का संचालन करने वाली हेरीटेज ऑक्शंस इससे मिलने वाली धनराशि में कोई हिस्सा नहीं ले रही है.

READ More...  जिरकॉन मिसाइल ने साधा 1000 किमी दूर का निशाना, क्यों है यह रूस का अहम हथियार

मुरातोव को पिछले साल फिलीपीन की पत्रकार मारिया रेसा के साथ संयुक्त रूप से शांति के नोबेल पुरस्कार से नवाजा गया था. उन्हें अपने-अपने देशों में स्वतंत्र अभिव्यक्ति बनाए रखने के लिए किए गए संघर्षों के वास्ते सम्मानित किया गया था.

यूक्रेन के डोनबास-ल्वीव शहरों में तबाही, कीव पहुंचे मैक्रों और जर्मन चांसलर

मुरातोव 2014 में रूस द्वारा क्रीमिया पर कब्जा जमाने और यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने के बड़े आलोचक रहे हैं. (एजेंसी इनपुट के साथ)

Tags: Russia, Russia ukraine war, Vladimir Putin

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)