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मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में इस वक्त भूचाल आया हुआ है. सत्तारुढ़ दल के नेताओं के मन में सरकार के जाने का डर बना हुआ है. कभी शिवसेना के सबसे वफादार नेता माने जाने वाले एकनाथ शिंदे ने शिवसेना की ही धुकधुकी बढ़ा दी है. इस वक्त हर किसी की नजरें एकनाथ शिंदे पर टिकी हुई हैं क्योंकि वह 5 मंत्री सहित 25 विधायकों के साथ गायब हो गए हैं. माना जा रहा है कि शिंदे उद्धव ठाकरे की सीएम की कुर्सी को खतरे में डाल सकते हैं. इस वक्त एकनाथ शिंदे राज्य सरकार के लिए टेंशन का कारण बने हुए हैं. इसलिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि एक दिन में ही महाराष्ट्र की राजनीति में उथल-पुथल मचाने वाले एकनाश शिंदे हैं कौन?.

मौजूदा वक्त में शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे कैबिनेट में मंत्री हैं और ठाकरे परिवार के सबसे करीबियों में से एक हैं. साल 2019 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद एकनाथ शिंदे सीएम की रेस में सबसे आगे नजर आ रहे थे लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उद्धव ठाकरे के लिए वो एक कदम पीछे हट गए. शिंदे के परिवार के कई सदस्य भी राजनीति में सक्रिय हैं. उनके बेटे श्रीकांत सांसद हैं जबकि उनके भाई प्रकाश शिंदेर पार्षद हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महाराष्ट्र सरकार में नगर विकास मंत्री शिंदे साल 1980 में शाखा प्रमुख के तौर पर शिवसेना में शामिल हुए थे. इतने लंबे समय से पार्टी से जुड़े रहने के बाद इस तरह की खबरों ने हर किसी को हैरान कर दिया है. शिंदे महाराष्ट्र विधानसभा में लगातार चार बार निर्वाचित हुए.

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साल 2004, 2009, 2014 और 2019 में विधायक चुने गए. 2014 में शिवसेना के भाजपा से अलग होने के बाद शिंदे को महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता के रूप में चुना गया था. महाराष्ट्र विकास अघाड़ी प्रशासन के गठन के समय उन्हें शहरी विकास और लोक निर्माण (सार्वजनिक उपक्रम) के लिए कैबिनेट मंत्री नामित किया गया था. पिछले साल, ठाकरे पर हमले बोलते हुए भाजपा नेता देवेंद्र फडणवीस ने कहा था, “यह बेईमानी से बनी सरकार है और मुझे लगता है कि आदरणीय उद्धवजी को अब यह स्वीकार करना चाहिए कि उनकी मुख्यमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा थी जिसे उन्होंने पूरा किया. राजनीति में महत्वाकांक्षा रखना गलत नहीं है. लेकिन अगर आप अपनी बात रखना चाहते थे, तो आप शिवसेना के वरिष्ठ नेताओं दिवाकर रावते, सुभाष देसाई या एकनाथ शिंदे को मुख्यमंत्री बना सकते थे, ”

रिपोर्टों के अनुसार, एकनाथ शिंदे ने अपने शुरुआती करियर की शुरुआत एक मजदूर के रूप में की और अपने परिवार का पालन-पोषण करने के लिए उन्हें पढ़ाई छोड़नी पड़ी. वह हाल ही में एकनाथ शिंदे मंत्री और सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे आदित्य के साथ अयोध्या गए थे.

Tags: CM Uddhav Thackeray, Maharashtra, Maharashtra Government

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