e0a4b6e0a4bfe0a4b5e0a4b8e0a587e0a4a8e0a4be e0a4aee0a587e0a482 e0a4b5e0a4bee0a4aae0a4b8e0a580 e0a495e0a587 e0a4ace0a4bee0a4a6 e0a4aa
e0a4b6e0a4bfe0a4b5e0a4b8e0a587e0a4a8e0a4be e0a4aee0a587e0a482 e0a4b5e0a4bee0a4aae0a4b8e0a580 e0a495e0a587 e0a4ace0a4bee0a4a6 e0a4aa 1

महाराष्ट्र में कोंकण क्षेत्र के कद्दावर नेता माने जाते हैं 62 वर्षीय भास्कर जाधव. शिवसेना ने उन्हें रत्नागिरी के गुहागर से चुनाव मैदान में उतारा है. एनसीपी में 15 साल गुज़ारने के बाद जाधव की घर वापसी हुई है. भास्कर जाधव ने शिवसेना से ही अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी.

भास्कर जाधव गुहागर सीट से एनसीपी के विधायक हैं. वो महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष भी  रह चुके हैं. उन्होंने एनसीपी-कांग्रेस की महाराष्ट्र की सरकारों में राज्य मंत्री के रूप में काम किया है. जाधव का जाना एनसीपी के लिए बड़े झटके से कम नहीं. विधानसभा चुनाव से पहले चली भगदड़ में बड़े बड़े नामों ने एनसीपी छोड़ने में देरी नहीं की है.

सबसे पहले शिवसेना से बने विधायक

भास्कर जाधव सबसे पहले रत्नागिरी ज़िला परिषद के सदस्य बने. उसके बाद साल 1995 में वो चिपलूं क्षेत्र से शिवसेना की तरफ से विधायक बने. साल 1999 में वो फिर से विधायक निर्वाचित हुए. लेकिन शिवसेना छोड़ने के बाद साल 2004 में उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा और एनसीपी के रमेश कदम से चनाव हार गए. इसी चुनाव में पहली बार शिवसेना के किसी उम्मीदवार की ज़मानत भी ज़ब्त हुई. शिवसेना के उम्मीदवार प्रभाकर शिंदे की ज़मानत जब्त हुई थी.

इस हार के बाद भास्कर जाधव एनसीपी में शामिल हो गए. कुछ समय बाद वो साल 2006 में महाराष्ट्र विधान परिषद के कोंकण क्षेत्र से सदस्य बने. साल 2009 में वो गुहागर से एनसीपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़े और उन्होंने बीजेपी के कद्दावर नेता रामदास कदम और 4 बार के मौजूदा विधायक रहे डॉ विनय नाटू को हराया. इस जीत ने भास्कर जाधव का सियासी कद बहुत बढ़ा दिया. इसके बाद उन्हें राज्यमंत्री बनने का मौका मिला.

READ More...  AP POLYCET Result 2021: AP POLYCET के परिणाम जारी, ऐसे डाउनलोड करें रिजल्ट और रैंक कार्ड

साल 2009 में वो पहली बार महाराष्ट्र में कांग्रेस-एनसीपी सरकार में  मंत्री बने और उन्हें शहरी विकास, वन, पोर्ट, खेल, संसदीय मामले, युवा विकास जैसे मंत्रालय मिले. रत्नागिरी जिले के वो गार्डियन मिनिस्टर भी बने. लेकिन भास्कर जाधव को राजनीति में वो दौर भी देखना पड़ा जब उनकी अनदेखी हुई. राज्य मंत्री रहने के बावजूद उन्हें मंत्रालय में जगह नहीं मिली. साल 2013 में भास्कर जाधव महाराष्ट्र एनसीपी के अध्यक्ष बने.

साल 2014 के विधानसभा चुनाव में भास्कर जाधव बीजेपी के डॉ विनय नाटू को दूसरी बार हराकर  विधायक बने. अब भास्कर जाधव की शिवसेना में वापसी के बाद ये कोशिश होगी कि वो जीत हासिल कर शिवसेना का राजनीतिक कर्ज़ चुकाएं.

Tags: Maharashtra asembly election 2019, Maharashtra Assembly Election 2019, Maharashtra Assembly Profile

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)