e0a4b8e0a4b0e0a4abe0a4b0e0a4bee0a49c e0a496e0a4bee0a4a8 e0a4a8e0a587 e0a495e0a4b9e0a4be e0a4b6e0a4a4e0a495 e0a485e0a4ace0a58de0a4ac
e0a4b8e0a4b0e0a4abe0a4b0e0a4bee0a49c e0a496e0a4bee0a4a8 e0a4a8e0a587 e0a495e0a4b9e0a4be e0a4b6e0a4a4e0a495 e0a485e0a4ace0a58de0a4ac 1

बेंगलुरु. मुंबई रणजी टीम के क्रिकेटर सरफराज खान (Sarfaraz Khan) ने गुरुवार को यहां मध्य प्रदेश के खिलाफ रणजी ट्राफी फाइनल में बनाए गए अपने शतक को अपने पिता और कोच नौशाद खान को समर्पित किया. शतक जड़कर मुंबई को पहली पारी में 374 रन तक पहुंचाने वाले सरफराज की आंखे डबडबाई हुई थी. दिन का खेल खत्म होने के बाद (Ranji Trophy Final 2022:) उन्होंने कहा कि यह शतक मेरे अब्बू (पिता) की वजह है. यह उनके बलिदान की वजह से है और उस समय मेरा हाथ थामने की वजह से है जब मैं निराश था. नौशाद के दोनों बेटे सरफराज और मुशीर मुंबई टीम में ही खेलते हैं. यह पूछने पर कि क्या भारतीय टीम में जगह बनाने का सपना पूरा होने की ओर है? इस सवाल के जवाब में सरफराज की आंखे डबडबा गईं. दूसरे दिन को खेल खत्म होने पर मप्र ने पहली पारी में एक विकेट पर 123 रन बना लिए थे.

उन्होंने कहा, ‘हमारी जिंदगी सब कुछ उन छोटे-छोटे सपनों के लिए हैं, जिन्हें हम संजोते हैं. सपने हम (वह और उनके पिता) साथ देखते हैं. मैंने मुंबई में वापसी के बाद से दो सीजन में जो 2000 के करीब रन बनाए हैं. वह सब मेरे अब्बू की वजह से है.’ जब कोई मैच नहीं होता, तो दोनों भाई अपने पिता की निगरानी में हर दिन 6 से 7 घंटे अभ्यास करते हैं. कुछ अनुशासनात्मक मुद्दों के कारण सरफराज को एक सीजन के लिए उत्तर प्रदेश जाना पड़ा और उन्होंने वापसी करने से पहले ‘कूलिंग ऑफ’ समय बिताया, जिसके बाद वह फिर मुंबई की टीम में चुने गए.

READ More...  T20 WC:पाकिस्तान के जीत के बाद आसिफ अली ने कहा "मैं..

वे नहीं होते तो मैं खत्म हो जाता

सरफराज खान ने कहा कि आप सब तो जानते हो मेरे साथ क्या हुआ. अब्बू ना रहते तो मैं खत्म हो जाता. उन्होंने कहा कि इतनी सारी समस्यायें थीं और जब मैं सोचता कि मेरे अब्बू इन सबसे कैसे निपटे, तो मैं भावुक हो जाता हूं. उन्होंने एक बार भी मेरा हाथ नहीं छोड़ा. मेरे भाई ने अपने फोन पर एक स्टेटस लगाया है और मैं देख सकता हूं कि अब्बू कितने खुश हैं. मेरा दिन बन गया. सरफराज पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला के प्रशंसक हैं, जिनकी हाल में एक गैंग ने गोली मारकर हत्या कर दी थी. सरफराज ने शतक जड़ने के बाद मूसेवाला के स्टाइल (जांघ पर हाथ मारकर) में जश्न बनाया.

India vs Leicestershire Match: ऋषभ पंत की एक और परेशानी बढ़ी, अब इस युवा बल्लेबाज ने अर्धशतक लगाकर ठोका दावा

कोहली क्या इंग्लैंड दौरे पर बाबर आजम को पीछे छोड़ सकेंगे? पूर्व भारतीय कप्तान के सामने मुश्किल लक्ष्य

इसके बारे में पूछने पर सरफराज ने कहा कि यह सिद्धू मूसेवाला के लिए था. मुझे उनके गाने बहुत पसंद हैं और ज्यादातर मैं और हार्दिक तमोरे (विकेटकीपर) उनके गाने सुनते हैं. मैंने इसी तरह का जश्न पिछले मैच के दौरान भी मनाया था, लेकिन तब इसे दिखाया नहीं गया था. मैंने फैसला किया था कि जब भी एक और शतक जड़ूंगा, इस तरह ही जश्न मनाऊंगा.

READ More...  SL vs AUS: केन रिचर्ड्सन के 'चौके' से ऑस्ट्रेलिया ने दूसरे टी20 में श्रीलंका को रौंदा, सीरीज में बनाई अजेय बढ़त

Tags: BCCI, Mumbai, Ranji Trophy, Sarfaraz Khan

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)