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नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट ने मुकदमे की पैरवी के दौरान एक वकील को नसीहत दी है. फाइल के बिना पेश होने पर शुक्रवार को एक वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि सारपत्र के बिना वकील वैसे ही होता है, जैसे बिना बल्ले के सचिन तेंदुलकर.

भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि एक वकील मुकदमे की फाइल के बिना पेश हो रहा है और इस चूक के लिए पीठ ने उसे तुरंत फटकार लगाई. सीजेआई ने कहा, ‘‘बिना सारपत्र (ब्रीफ) वाला वकील वैसे ही होता है, जैसे बिना बल्ले के सचिन तेंदुलकर. ये खराब लगता है.’’

गाउन और बैंड है, लेकिन कागज नही?
सीजेआई ने कहा, ‘‘आप अपने गाउन और बैंड (कॉलर) में हैं, लेकिन आपके पास कोई कागजात नहीं है. आपके पास हमेशा सारपत्र (ब्रीफ) होना चाहिए.’’

बिना फाइल के पहुंचे थे वकील
बताया गया है कि एक अधिवक्ता बिना फाइल के ही एक मामले में अपने पक्षकार की तरफ से पेश होने पहुंचे थे. इसी पर मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) डी वाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया और उन्हें फाइल के साथ ही अपना पक्ष रखने को कहा.

Tags: CJI, New Delhi news, Supreme Court

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