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नई दिल्ली. क्लाइव लॉयड (Clive Lloyd) क्रिकेट जगत में इस नाम को बड़े सम्मान से लिया जाता है. उनकी कप्तानी में वेस्टइंडीज ने आज ही के दिन यानी 21 जून 1975 को वनडे वर्ल्ड कप के पहले सीजन का खिताब अपने नाम किया था. टीम ने फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को नजदीकी मुकाबले में 17 रन से हराया था. लॉयड ने इस मैच में शतक भी जड़ा था. यह मुकाबला 60-60 ओवर का था. वेस्टइंडीज ने पहले खेलते हुए 8 विकेट पर 291 रन बनाए थे. लॉयड ने 102 रन की बेहतरीन पारी खेली थी. जवाब में ऑस्ट्रेलिया की टीम 59वें ओवर में 274 रन बनाकर सिमट गई थी. बतौर तेज गेंदबाज लॉयड ने मैच में एक विकेट भी झटका और प्लेयर ऑफ द मैच बने. उन्होंने तीन रन आउट भी किए थे.

क्लाइव लाॅयड गैरी साेबर्स के क्रिकेट को देखते हुए बड़े हुए थे. उन्हें 14 साल की उम्र में स्कूल टीम का कप्तान बनाया गया था. फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के कप्तान इयान चैपल ने टाॅस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया. उसके गेंदबाजों ने टीम को अच्छी शुरुआत भी दिलाई. वेस्टइंडीज ने 50 रन पर 3 विकेट खो दिए थे. रॉय फ्रेडरिक्स 7, ग्रॉर्डन ग्रीनिज 13 और एल्विन कालीचरण 12 रन बनाकर आउट हो गए.

लॉयड और रोहन की बड़ी साझेदारी

50 रन पर 3 विकेट गिरने के बाद क्लाइव लॉयड और रोहन कन्हाई ने टीम को संभाला. दोनों ने चौथे विकेट के लिए 149 रन जोड़े. कन्हाई 105 गेंद पर 55 रन बनाकर आउट हुए. लॉयड ने 85 गेंद पर 102 रन बनाए. 12 चौका और 2 छक्का लगाया. अंत में कीथ बोइए ने 34 और बर्नार्ड जूलियन ने 26 रन बनाकर स्कोर को 290 रन के पार पहुंचाया. ऑस्ट्रेलिया की ओर से बाएं हाथ के तेज गेंदबाज गैरी गिल्मर ने 48 रन देकर 5 विकेट झटके. जेफ थॉम्सन ने मैच में नोबॉल पर कुल 13 रन दिए थे और टीम को 17 रन से हार मिली थी. इसे ही मैच का टर्निंग प्वाइंट माना जाता है. ऑस्ट्रेलिया की ओर से कुल 11 नोबॉल डाली गई थी.

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चैपल ने खेली कप्तानी पारी

जवाब में ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत अच्छी रही थी. एक समय टीम का स्कोर एक विकेट पर 81 रन था. लेकिन इसके बाद टीम लड़खड़ा गई थी. कप्तान इयान चैपल ने 93 गेंद पर 62 रन बनाए. उन्होंने एलेन टर्नर (40) के साथ दूसरे विकेट के लिए 56 रन जोड़े. डग वाल्टर्स ने 35 और रॉस एडवर्ड्स ने 28 रन बनाए. 233 रन पर 9 विकेट गिरने के बाद जेफ थॉम्सन (21) और डेनिस लिली (16*) ने स्कोर को 274 रन तक पहुंचाया. लेकिन थॉम्सन के रन आउट होते ही टीम की उम्मीद खत्म हो गई. अभी 8 गेंद का खेल बाकी था.

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ऑस्ट्रेलिया की ओर से 5 बल्लेबाज रन आउट हुए. तेज गेंदबाज कीथ बोइए ने 12 ओवर में 50 रन देकर 4 विकेट झटके. वहीं लॉयड ने 12 ओवर में 38 रन देकर एक विकेट अपने नाम किया. इसके बाद वेस्टइंडीज ने 1979 में खेला गया अगला वर्ल्ड कप भी जीता था. लेकिन 1983 में उसी हैट्रिक पूरी नहीं हो सकी और कपिल देव की कप्तानी वाली भारतीय टीम से उसे हार मिली थी.

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