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मध्य प्रदेश में कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, जिससे आम जनता का भरोसा कमजोर हो रहा है। हाल ही में गुना और सिवनी में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन घटनाओं ने न केवल पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर रोशनी डाली है, बल्कि सरकार के लिए भी कड़ी कार्रवाई की चुनौती पेश की है।

गुना जिले में एक बड़ी घटना के दौरान, धरनावदा थाना क्षेत्र की रूठियाई पुलिस चौकी पर हाईवे चेकिंग के दौरान एक स्कॉर्पियो से 1 करोड़ रुपये से अधिक की नगदी बरामद करने का दावा किया गया। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने मौके पर उचित कार्रवाई के बजाय एक ‘सेटलमेंट’ किया, जिसके तहत वाहन मालिक से 20 लाख रुपये में समझौता हुआ।

इस मामले की जानकारी मिलते ही ग्वालियर रेंज के डीआईजी अमित सांघी ने मौके का दौरा किया और जांच शुरू की। उन्होंने बताया कि यह मामला संदिग्ध है और प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। मुख्यमंत्री ने भी सख्त रुख अपनाते हुए गुना के पुलिस अधीक्षक को हटा दिया है।

सिवनी जिले में भी एक हवाला कांड के मामले में पुलिस पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसमें पुलिस ने 3 करोड़ रुपये की जब्ती को लेकर गड़बड़ी की। मामले में 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया और कुछ के खिलाफ संगठित भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए गए हैं। इन घटनाओं ने पुलिस विभाग में कार्रवाई की आवश्यकता को उजागर किया है।

स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
www.amarujala.com

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