अमेरिका और ईरान के बीच तनाव गहरा होता जा रहा है। जबकि युद्धविराम पर बातचीत जारी है, दोनों देशों की बयानबाज़ी और सैन्य दबाव में तेजी आई है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वार्ता अभी निरर्थक नहीं हुई है, लेकिन स्थिति संवेदनशील बनी हुई है।
व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने बताया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई को और तेज कर सकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर तेहरान अपनी हार को स्वीकार नहीं करता है, तो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कठोर कदम उठाने को तैयार हैं।
लेविट ने पाकिस्तान में संभावित वार्ता को लेकर अटकलों को खारिज किया और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप कार्रवाई करने में विश्वास करते हैं, ना कि केवल धमकी देने में। उन्होंने ईरान को चेतावनी दी है कि पिछले गलत निर्णयों ने उनके सैन्य ढांचे को नुकसान पहुंचाया है।
अमेरिका का एक मुख्य लक्ष्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखना है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तेल टैंकरों का आना-जाना केवल राष्ट्रपति ट्रंप के निर्णय पर निर्भर करेगा।
लेविट ने यह भी कहा कि ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बैठक 14 और 15 मई को बीजिंग में होगी, जो रणनीतिक और आर्थिक मुद्दों पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण है। इस बैठक में पश्चिम एशिया संघर्ष का निष्कर्ष चर्चा का पूर्व शर्त नहीं था।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
www.amarujala.com




