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हिंदी फिल्मों में पुलिस वाले का किरदार निभाने वाले कुछ अभिनेता तो अमर हो चुके हैं. जगदीश राज ने अपनी ज़िन्दगी में कम से कम 300 फिल्मों में पुलिस वाले का किरदार निभाया. इसी तरह चरित्र अभिनेता इफ्तिखार ने भी करीब 40 से ज़्यादा फिल्मों में पुलिस अफसर का किरदार निभाया है. इस मामले में हॉलीवुड के मुख्य अभिनेता ब्रूस विलिस भी गजब कर रहे हैं. उनके करियर में वो डेढ़ दर्ज़न बार के करीब फिल्मों में पुलिस अफसर बन कर सामने आये हैं, अधिकांश में वो हीरो थे. उनकी ताजा तरीन फिल्म, जो कि लायंसगेट प्ले पर रिलीज़ हुई है ‘अमेरिकन सीज’, इसमें वे एक बार फिर पुलिस अफसर बने हैं, हालांकि उनकी भूमिका इस फिल्म की ही तरह कमजोर है. ये फिल्म एक बार फिर साबित करती है कि बिना लॉजिक की फिल्में अमेरिका में भी बनती रहती हैं और रिलीज भी होती है. अमेरिकन सीज एक निहायत ही कच्ची पटकथा पर बनायीं गयी है, दर्शकों को मूर्ख समझने की गलती करने के साथ.

होस्टेज ड्रामा फिल्मों में दर्शकों को जिस व्यक्ति को बंधक बनाया गया है उसके साथ सहानुभूति होना ज़रूरी है वर्ना, फिल्म के साथ कोई भावनात्मक लगाव नहीं हो पाता। अमेरिकन सीज में ये सबसे बड़ी कमज़ोरी है. जेल से पैरोल पर छोटे एक अपराधी रॉय लैबर्ट (रॉब गॉग) और उसके दो साथी ग्रेस बेकर (एना हिंडमैन) और टोबी कैवेंडिश (जोहन अर्ब) एक घर में घुस कर गार्ड को मार देते हैं और वहां रहने वाले जॉन (कलन चैम्बर्स) को बंधक बना लेते हैं. वजह है ग्रेस बेकर की 10 साल पहले लापता हुई बहन ब्रिजिट बेकर के लापता होने की वजह जानना. उस करबे के भ्रष्ट पुलिसवाले बेन वॉट्स (ब्रूस विलिस) और उसके साथी काइल रूटलेज (ट्रेवर ग्रेटज़की) जा कर इस मामले को सुलझाने की कोशिश करते हैं. घर के अंदर पता चलता है कि चार्ल्स रूटलेज (टिमोथी मर्फी) जो कि इस कस्बे का सबसे रईस आदमी है, उसने ब्रिजिट की हत्या करवा दी थी. दरअसल ब्रिजिट ड्रग्स बनाने का काम करती थी और चार्ल्स उसे बिकवाने का, लेकिन पैसों का लालच ब्रिजिट की हत्या की वजह बन गया. चार्ल्स अपने गुंडों के साथ उस घर पर जा पहुँचते हैं. गोलीबारी होती है, चार्ल्स का बेटा काइल मारा जाता है. ब्रूस और उसकी एक और साथी मारिसा, चार्ल्स के खिलाफ विद्रोह कर देते हैं और उसके गुंडों को मार गिराते हैं. रॉय और ग्रेस को वहां से भाग निकलने का मौका मिल जाता है और फिल्म ख़त्म हो जाती है.

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पटकथा की गलतियों की संख्या फिल्म में चली हुई गोलियों से कम है बस इतना ही काफी है. ब्रूस विलिस असली ज़िन्दगी में एक भारी मानसिक बीमारी से जूझ रहे हैं. उसका प्रभाव उनके अभिनय पर साफ़ नज़र आ रहा है. पूरी फिल्म में एक ही एक्सप्रेशन बनाये रखा है, यहाँ तक कि जब उन्हें गुस्सा आता है और वो बन्दूक उठा कर गोलियां चला रहे होते हैं, तब भी उनके चेहरे के भावों में कोई खास फर्क नहीं पड़ा है. उनके करियर का ये सबसे खराब रोल कहा जा सकता है. रॉब गॉग का अभिनय देख कर गुस्सा आने लगता है क्योंकि उन्होंने अच्छे रोल के साथ न्याय करना ज़रूरी नहीं समझा. एना हिंडमैन को अभिनय सीखने की ज़रुरत है. 10 साल पहले लापता हुई बहन को ढूढ़ने और उसका बदला लेने के लिए दिल-दिमाग में बदले की भावना होनी चाहिए, वो उनके चेहरे पर नज़र ही नहीं आती. एक टिमोथी मर्फी और कलन चैम्बर्स को छोड़ दें तो पूरी फिल्म में एक भी अभिनेता ऐसा नहीं है जिसको देख कर कहा जाए की कमाल का अभिनय किया है.

कोरी लार्ज और एडवर्ड ड्रेक ने फिल्म की कहानी और पटकथा लिखी है. किसी बात में लॉजिक ढूंढने की कोशिश नहीं की गयी है. घर के नीचे ड्रग्स का एक विशाल कारखाना बनाया गया है. पूरे कस्बे में किसी को 10 साल तक कोई खबर नहीं लगती. एक लड़की जो कि 10 साल पहले गायब हो जाती है और उसकी बहन को बहुत तलाश करने पर भी नहीं मिलती, पुलिस वाले भी उसकी तलाश नहीं कर पाते लेकिन उसकी बहन इंतज़ार कर रही होती है कि कब उसकी बहन का बॉयफ्रेंड जेल से निकले तो वो उसकी तलाश करे. ड्रग्स खरखाने के ऊपर बने मकान में एक ऐसा दरवाज़ा बनाया गया है जो सीधे कारखाने में ले जाता है और अंदर काम करने वालों को कौन आ रहा है कौन जा रहा इस से फर्क नहीं पड़ता. एफ़बीआय की टीम वहां अपनी गाड़ियों से पहुंच रही होती है लेकिन उन्हें धुआंधार गोलियों की आवाज नहीं आती. ब्रूस विलिस एक भ्रष्ट पुलिसिए हैं लेकिन गालियां खाने के बाद उनका ईमान जाग जाता है और वो गुंडों को गोलियां मारना शुरू कर देते हैं लेकिन अपने साथी को गोलीबारी का शिकार होने से नहीं बचा पाते. ड्रग्स का सौदागर अपने बेटे को अपने ही गुंडे के हाथों मरवा देता है और उसके चेहरे पर शिकन तक नहीं आती. इतने पत्थर दिल लोग किस दुनिया में पाए जाते हैं?

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फिल्म में एक भी तत्व ऐसा नहीं नजर आया जिसकी तारीफ की जा सके. न कहानी अच्छी है. न पटकथा अच्छी है. न अभिनय अच्छा है. न सिनेमेटोग्राफी न एडिटिंग न संगीत अच्छा है. पूरी फिल्म बस बना दी गयी है. निर्देशक एडवर्ड ड्रेक के पसंदीदा अभिनेता है ब्रूस विलिस और वो उन्हीं को लेकर फिल्म बनाते हैं. अमेरिकन सीज दोनों की साथ में तीसरी फिल्म है और एक और फिल्म गैसोलीन एले भी रिलीज हो चुकी है. अभी तक एक भी फिल्म ऐसा नहीं बनी है, जिसकी चर्चा की जा सके. अमेरिकन सीज में देखने जैसा कुछ नहीं है. आप स्क्रीन के आगे बंधक बन कर बैठने से बच सकते हैं.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

Tags: Film review

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