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हाइलाइट्स

विदेश मंत्री जयशंकर ने की यूक्रेनी समकक्ष कुलेबा से मुलाकात
दोनों मंत्रियों के बीच युद्ध से साथ-साथ कई मुददों पर हुई चर्चा
आखिर कैसे खत्म किया जाए रूस-यूक्रेन के बीच युद्ध

नोम पेन्ह. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को यूक्रेन के अपने समकक्ष दिमित्रो कुलेबा के साथ बैठक की. दोनों नेताओं ने क्षेत्र में हालिया घटनाक्रम, परमाणु चिंताओं और यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की. जयशंकर ने यहां कंबोडिया की राजधानी में आसियान-भारत शिखर सम्मेलन से इतर कुलेबा से मुलाकात की. उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा से मिलकर खुशी हुई. हमारी चर्चाओं में संघर्ष में हालिया घटनाक्रम, अनाज निर्यात की पहल और परमाणु चिंताएं शामिल थीं.’’

रूस और यूक्रेन के युद्ध पर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच रूस के दो दिवसीय दौरे के कुछ दिनों बाद जयशंकर की कुलेबा से मुलाकात हुई है. फरवरी में यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद जयशंकर का मास्को का यह पहला दौरा था. जयशंकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के साथ यात्रा पर हैं. वह यहां आसियान-भारत शिखर सम्मेलन और 17वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं. यूक्रेन के विदेश मंत्री कुलेबा ने ट्विटर पर कहा कि उन्होंने द्विपक्षीय सहयोग और यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा की.

घातक हमले रोके रूस- कुलेबा
कुलेबा ने ट्वीट किया, ‘‘मेरे भारतीय समकक्ष जयशंकर और मैं द्विपक्षीय सहयोग और यूक्रेन के खिलाफ रूस के युद्ध को समाप्त करने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए मिले. मैंने जोर दिया कि रूस को तुरंत घातक हमलों को रोकना चाहिए. यूक्रेन से सभी सैनिकों को वापस बुलाना चाहिए और शांति के लिए प्रतिबद्ध होना चाहिए।. हमने वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर भी ध्यान केंद्रित किया.’’

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संकट का समाधान बातचीत से हो- भारत
भारत ने अभी तक यूक्रेन पर रूसी आक्रमण की निंदा नहीं की है और लगातार कहता रहा है कि कूटनीति तथा बातचीत के माध्यम से संकट का समाधान किया जाना चाहिए. फरवरी में यूक्रेन संघर्ष शुरू होने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ-साथ यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से कई बार बात की.

खाद्य सुरक्षा पर भी चर्चा
भारत ने यह भी कहा है कि काला सागर के जरिए अनाज निर्यात की पहल के निलंबन से खाद्य सुरक्षा और दुनिया के सामने विशेष रूप से दुनिया के दक्षिणी हिस्से में ईंधन और उर्वरक आपूर्ति चुनौतियों का सामना करने की आशंका है. इस पहल के परिणामस्वरूप यूक्रेन से 90 लाख टन से अधिक अनाज और अन्य खाद्य उत्पादों का निर्यात हुआ. जयशंकर ने 7 से 8 नवंबर तक मास्को की अपनी यात्रा के दौरान अपने रूसी समकक्ष सर्गेई लावरोव और उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव के साथ व्यापक बातचीत की.

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