bank privatisation idbi e0a4ace0a588e0a482e0a495 e0a495e0a587 e0a4aae0a58de0a4b0e0a4bee0a487e0a4b5e0a587e0a49fe0a4bee0a487e0a49ce0a587e0a4b6
bank privatisation idbi e0a4ace0a588e0a482e0a495 e0a495e0a587 e0a4aae0a58de0a4b0e0a4bee0a487e0a4b5e0a587e0a49fe0a4bee0a487e0a49ce0a587e0a4b6 1

हाइलाइट्स

बोलियां लगाने की अंतिम तारीख 7 जनवरी यानी आज थी.
बैंक में हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश के लिए कई पत्र मिले हैं.
बैंक में सरकार और LIC दोनों की मिलाकर 94.71% हिस्सेदारी है.

नई दिल्ली. सरकार को आईडीबीआई बैंक (IDBI bank) में करीब 61 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री के लिए शुरुआती दौर की कई बोलियां मिली हैं. विनिवेश प्रक्रिया की निगरानी करने वाले दीपम विभाग के सचिव तुहीन कांत पांडेय ने शनिवार को एक ट्वीट में यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि आईडीबीआई बैंक में सरकार और एलआईसी की हिस्सेदारी के रणनीतिक विनिवेश के लिए कई पत्र मिले हैं.

इसके साथ ही इस बैंक के विनिवेश की प्रक्रिया अब सेकेंड स्टेज में पहुंचेगी जिसमें संभावित बोलीकर्ता वित्तीय बोलियां लगाने के पहले जांच-पड़ताल का काम पूरा करेंगे.

ये भी पढ़ें: मेहनत की कमाई से नहीं है प्यार तो इसे कर दीजिए इग्नोर! SBI ने ग्राहकों के लिए जारी की है एडवायजरी 

बोली की अंतिम तिथि 7 जनवरी
सरकार के साथ एलआईसी भी आईडीबीआई बैंक में अपनी कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री करने की तैयारी में है. इसके लिए बीते अक्टूबर में संभावित खरीदारों से बोलियां आमंत्रित की गई थीं. बोलियां लगाने की अंतिम तारीख 16 दिसंबर थी जिसे बाद में बढ़ाकर 7 जनवरी कर दिया गया था.

सरकार और LIC की 94.71% हिस्सेदारी
फिलहाल इस बैंक में सरकार और एलआईसी दोनों की मिलाकर 94.71 प्रतिशत हिस्सेदारी है. इनमें से 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री पूरी हो जाने के बाद सफल बोलीकर्ता आम शेयरधारकों से 5.28 प्रतिशत हिस्सेदारी की खरीद के लिए खुली पेशकश लेकर आएगा.

READ More...  देश का सबसे महंगा शेयर हुआ और महंगा, एक दिन में बढ़ा ₹4 हजार, 1 शेयर की कीमत में आ जाए पल्सर बाइक

ये भी पढ़ें: Multibagger Stock : 8 रुपये से चलकर पहुंचा ₹740, BWM और लेम्बोर्गिनी हैं इसके ग्राहक, अब पैसा लगाना कितना सही?

बोली के लिए ये है शर्तें
पहले निवेश एवं लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) ने कहा था कि संभावित खरीदारों के पास न्यूनतम 22,500 करोड़ रुपये की शुद्ध हैसियत होनी चाहिए. इसके अलावा बोलीकर्ता के लिए पिछले पांच में से तीन साल शुद्ध लाभ की स्थिति में भी होना होगा.

इससे पहले कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने गुरुवार को केंद्र सरकार को IDBI बैंक में अपनी हिस्सेदारी को सार्वजनिक के तौर पर वर्गीकृत करने की इजाजत दे दी थी. बैंक ने गुरुवार को एक रेगुलेटरी फाइलिंग में कहा था कि इसमें यह शर्त लागू रहेगी कि उसके वोटिंग राइट्स बैंक के कुल राइट्स के 15 फीसदी से ज्यादा नहीं होने चाहिए.

Tags: Bank merger, Bank news, Bank Privatisation, Business news in hindi, IDBI Bank

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)