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आशीष सिन्‍हा

किशनगंज. सीमांचल के रास्‍ते दक्षिण-पश्चिम मानसून का बिहार में प्रवेश हो गया है. इसके प्रभाव से किशनगंज, पूर्णिया जैसे जिलों में बारिश हुई है. नेपाल में भी मानसून के सक्रिय होने से तराई के इलाकों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही है. नेपाल में तेज बारिश के कारण बिहार में नदियों का जलस्‍तर बढ़ने लगा है. सीमावर्ती जिलों में इसका परिणाम भी स्‍पष्‍ट होने लगा है. किशनगंज में भी स्‍थानीय नदियों का जलस्‍तर बढ़ने से लोगों की समस्‍याएं बढ़ गई हैं. नदियों का जलस्‍तर बढ़ने से फौरी तौर पर बनाया गया पुल पाने के तेज बहाव में बह गया. इससे लोगों का नदी पार करना मुश्किल हो गया है. इससे तकरीबन 25,000 लोगों के प्रभावित होने की बात कही जा रही है.

नेपाल के तराई क्षेत्र में लगातार बारिश से किशनगंज जिले की नदियां उफान पर हैं. टेढ़ागाछ प्रखंड क्षेत्र के हवाकोल पंचायत के खुरखुरिया घाट रेतुआ नदी पर बना चचरी का पुल मंगलवार देर शाम पानी के तेज बहाव में बह गया. बताते चलें की कलियागंज एवं पलासी क्षेत्र की लाइफ लाइन माने जानेवाले हवाकोल स्थित रेतुआ घाट पर सहायक नदी पर बना चचरी के पुल के ध्वस्त होने से यातायात बाधित हो गया है. इससे लगभग 25 हजार की आबादी प्रभावित हुई है.

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15 दिनों बाद आवागमन सुचारू होने की संभावना
मालूम हो कि इस घाट पर नाव की अभी कोई व्यवस्था नहीं है. नया नाव बनाया जा रहा है. जदयू पंचायत अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद मंडल ने कहा कि 15 दिनों बाद नाव बनकर तैयार हो जाएगा. इसके बाद आवागमन शुरू हो जाएगा. अब यहां निजी नाव के सहारे ही लोग 15 दिनों के बाद नदी पार कर पाएंगे. इस मार्ग से टेढ़ागाछ क्षेत्र के हवाकोल, दर्जन टोला, खजूरबाड़ी, गम्हरिया, बेतवाड़ी, चैनपुर, देवरी आदि दर्जनों गांव के लोग अस्पताल, बाजार सहित अन्‍य जगहों पर जाना मुश्किल हो गया है.

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मिनटों का सफर घंटों में हो रहा तय
नाविक ने बताया कि निजी स्तर पर नाव तैयार किया जा रहा है. इसे तैयार करने में 15 दिन का और समय लगेगा. नाव बनाने में 15 दिनों के बाद नाव से लोग नदी पार कर सकेंगे. गौरतलब है कि स्थानीय ग्रामीणों द्वारा जनसहयोग से प्रतिवर्ष यहां बांस के चचरी पुल का निर्माण कराया जाता रहा है. चचरी का पुल ध्वस्त होने से अब लोगों का आवागमन बाधित हो गया है. पुल के तबाह होने से स्‍थानीय लोग 25 किलोमीटर घूमकर प्रखंड मुख्यालय एवं जिला मुख्यालय जा सकेंगे. अब लोग मिनटों का सफर घंटों में तय करना पड़ रहा है.

Tags: Bihar flood, Kishanganj

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