
नई दिल्ली: बोर्ड परीक्षा 2020 में भाग लेने जा रहे छात्रों के लिये यह महत्वपूर्ण खबर है. इस बार परीक्षा के पैटर्न में बहुत कुछ बदलने वाला है. पासिंग मार्क्स से लेकर पेपर के पैटर्न तक में छात्रों को कई बदलाव देखने को मिलेंगे. इन बदलावों के बारे में बताते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए परीक्षा पैटर्न में बदलाव किये हैं और इसका मकसद, रटने की आदत (rote learning) को हतोत्साहित करना है. इस सत्र से जो बदलाव किए जा रहे हैं, उनका उद्देश्य यह है कि छात्रों में महत्वपूर्ण सोच और तर्क क्षमता विकसित हो सके.
प्रश्नों की संख्या में बदलाव:
जो बदलाव इस सत्र से लागू होंगे, उसमें सबसे महत्वपूर्ण है प्रश्नों की संख्या में बदलाव. इस सत्र में प्रश्नों की संख्या कम होगी.
सब्जेक्टिव सवालों की संख्या कम होगी:
इस सत्र की बोर्ड परीक्षा में सब्जेक्टिव प्रश्नों की संख्या कम होगी. जबकि ऑब्जेक्टिव सवालों की संख्या बढ़ाई गई है. सभी विषयों में एक अंक के ऑब्जेक्टिव सवाल लगभग 25 प्रतिशत होंगे.
पास होने के लिये चाहिये इतने अंक:
कक्षा 10वीं के छात्रों को बोर्ड परीक्षा में पास होने के लिये प्रैक्टिकल और थ्योरी परीक्षा दोनों को मिलाकर 33 फीसदी अंक लाना अनिवार्य होगा. हालांकि कक्षा 12वीं के छात्रों के लिये नियमों में थोड़ा बदलाव है. 12वीं के छात्रों को बोर्ड एग्जाम में क्वालिफाई करने के लिये प्रैक्टिकल, थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट में अलग-अलग 33 प्रतिशत अंक लाना होगा. यानी अगर पेपर 70 अंक का है तो उसमें 23 स्कोर और अगर 80 अंक का है तो उसमें 26 स्कोर हासिल करना होगा.
इंटरनल असेसमेंट:
बोर्ड परीक्षा में कई ऐसे भी विषय होंगे, जिनमें प्रैक्टिकल परीक्षा नहीं होगी. ऐसे में इनमें इंटरनल असेसमेंट किया जाएगा. इंटरनल असेसमेंट 20 अंकों का होगा. सीबीएसई ने यह व्यवस्था इसी बार से शुरू की है. सभी सवालों के 33 फीसदी हिस्से में इंटरनल ऑप्शन मिलेगा.
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Tags: Cbse, CBSE Board Exam Datesheet
FIRST PUBLISHED : December 04, 2019, 09:16 IST
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