himachal election 2022 e0a4b0e0a4bfe0a4aae0a58be0a4b0e0a58de0a49f e0a4aee0a587e0a482 e0a4a6e0a4bee0a4b5e0a4be e0a495e0a4bee0a482e0a497e0a58d
himachal election 2022 e0a4b0e0a4bfe0a4aae0a58be0a4b0e0a58de0a49f e0a4aee0a587e0a482 e0a4a6e0a4bee0a4b5e0a4be e0a495e0a4bee0a482e0a497e0a58d 1

शिमला. हिमाचल प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के करीब 90 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि सत्ताधारी भाजपा के करोड़पति उम्मीदवारों की संख्या 82 प्रतिशत है. एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस के 61 और भाजपा के 56 उम्मीदवार करोड़पति हैं. एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की ओर से जारी इस रिपोर्ट के अनुसार राज्य की 68 में से 67 सीट पर उम्मीदवार खड़ा करने वाली आम आदमी पार्टी (आप) के 52 प्रतिशत उम्मीदवार (35) करोड़पति हैं.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) 53 सीट पर मुकाबला कर रही है और इसके 25 प्रतिशत (13) उम्मीदवार करोड़पति हैं, जबकि माकपा के 36 प्रतिशत (चार) उम्मीदवार इस सूची में शामिल हैं. इसी तरह 45 निर्दलीय प्रत्याशी भी करोड़पति हैं. कुल मिलाकर हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव-2022 में 412 उम्मीदवार मैदान हैं जिनमें से 55 प्रतिशत (226) प्रत्याशी करोड़ति हैं.

जानें करोड़पति की लिस्ट में है किन चेहरों के नाम

करोड़पतियों की फेहरिस्त में 128 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ भाजपा के बलवीर सिंह वर्मा शीर्ष पर हैं और वह शिमला की चौपाल सीट से मैदान में हैं, जबकि शिमला (ग्रामीण) सीट से मैदान में उतरे विक्रमादित्य सिंह 101 करोड़ की संपत्ति के साथ दूसरे स्थान पर हैं. विक्रमादित्य पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे हैं. दिवंगत कांग्रेस नेता जीएस बाली के बेटे आरएस बाली कांगड़ा की नगरोटा सीट से मैदान में हैं और 96.36 करोड़ रुपये की संपत्ति के साथ तीसरे स्थान पर हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक 66 करोड़पति उम्मीदवार आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं. इसमें कहा गया है कि ठियोग सीट से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के उम्मीदवार राकेश सिंह पर सबसे अधिक 30 मामले दर्ज हैं. शिमला जिले में कसुमपति सीट से माकपा के उम्मीदवार कुलदीप सिंह तंवर पर 20 मामले दर्ज हैं, जबकि विक्रमादित्य सिंह पर 11 आपराधिक मामले दर्ज हैं.

READ More...  Diwali 2022: दिल्ली में पटाखों की बिक्री, भंडारण और फोड़ने पर लगेगा इतना जुर्माना, जेल भी जाना पड़ेगा

एडीआर की रिपोर्ट में खुलासा

एडीआर की ओर से जारी एक अन्य रिपोर्ट में कहा गया है कि दोबारा चुनाव लड़ रहे 58 विधायकों में से 49 विधायकों (84 प्रतिशत) की संपत्ति पांच प्रतिशत से लेकर 1167 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि 9 विधायकों की संपत्ति चार से लेकर 37 प्रतिशत तक कम हुई है. फिर से चुनाव लड़ रहे विभिन्न दलों के इन 58 विधायकों की औसत संपत्ति, जिनमें निर्दलीय शामिल हैं, साल 2017 में 9.30 करोड़ रुपये थी, लेकिन इनकी औसत संपत्ति वर्ष 2022 में बढ़कर 12.08 करोड़ रुपये हो गई.

ये भी पढ़ें:  गुजरात और हिमाचल चुनाव में नकदी, शराब और मुफ्त उपहारों की बरामदगी में 5 गुना की वृद्धि: निर्वाचन आयोग

बलबीर सिंह वर्मा की संपत्ति में साल 2017 के बाद सर्वाधिक 37.71 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. इसी तरह भजपा के अनिल शर्मा की संपत्ति में इस अवधि में 17.23 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ और इनकी कुल संपत्ति बढ़कर 57.48 करोड़ रुपये हो गई. विक्रमादित्य सिंह की संपत्ति साल 2017 के मुकाबले 2022 में 84.32 करोड़ से बढ़कर 101.39 करोड़ रुपये हो गई.

दलगत विश्लेषण के आधार पर फिर से चुनाव लड़ रहे भाजपा उम्मीदवारों की औसत संपत्ति में 3.2 करोड़ रुपये (44 प्रतिशत) का इजाफा हुआ और इनकी औसत संपत्ति साल 2022 में बढ़कर 10.46 करोड़ रुपये हो गई. कांग्रेस के 20 उम्मीदवार फिर से चुनाव लड़ रहे हैं और इनकी औसत संपत्ति 2.3 करोड़ रुपये बढ़कर साल 2022 में 15.31 करोड़ रुपये हो गई.

READ More...  गैर-सरकारी संगठन ADR और नेशनल इलेक्शन वॉच का संयुक्त रिसर्च, पिछले 5 वर्षों में लोगों में नोटा (NOTA) की लोकप्रियता बढ़ी है

Tags: Assembly election 2022, Himachal election, Himachal news

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)