TNN ✍️सम्पादक

सोशल मीडिया, आज के दौर में यह हमारे जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। यहां किसी को रातों रात स्टार बना दिए जाता हैं हिरो बना दिए जाता हैं तो कोई रातो रात अपनी पूरी जिंदगी की शोहरत को गवां बैठता हैं, यहां एक दिन में लोग फर्श से अर्श और अर्श से फर्श तक का सफर तय कर लेते है।

पुराने वीडियो और पुरानी खबरों के बीच से अपनी मनपसंद एक छोटी क्लिप को निकाल कर उसके बाल की खाल निकालना कई लोगो का फुलटाइम काम बन गया है।

और इस बार ये हुआ है पटना वाले खान सर के साथ, जी हा अगर आप सोशल मीडिया पे एक्टिव है तो कभी ना कभी इनकी विडियोज जरूर देखें होंगे।

खान सर बड़े ही मजाकिया अंदाज में जीएस पढ़ाते हैं. उनका अपना एक यू-ट्यूब चैनल है.  Khan GS Research Centre नाम के उनके यूट्यूब चैनल के 92 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर्स हैं. वो समसामयिक विषय पढ़ाते हुए अपने बिहारी अंदाज में स्पेशल कमेंट भी करते जाते हैं।

इसी कड़ी ने में उन्होंने 24 अप्रैल को पाकिस्तान और फ्रांस के संबंधों पर एक वीडियो डाल था जहां उन्होंने बताया था कि पाकिस्तान ने फ्रांस के राजदूत को वापस जाने के लिए वहां पे व्यापक प्रदर्शन हो रहे है, जिसमें कई छोटे छोटे बच्चे भी शामिल दिख रहे हैं।

जिसमें उन्होंने उन पाकिस्तानी बच्चो पे टिप्पणी की जो विवादों का कारण बन गई उन्होंने कहा ”ई रैली में ये बेचारा बचवा है. इसको क्या पता कि राजदूत क्या चीज होता है, कोई पता नहीं है. लेकिन फ्रांस के राजदूत को बाहर ले जाएंगे. इनको कुछ पता नहीं है. बाबू लोग, तुम लोग पढ़ लो. अब्बा के कहने पर मत आओ. अब्बा तो पंचर साट ही रहे हैं. ऐसा ही तुम लोग भी करेगा तो बड़ा होकर तुम लोग भी पंचर साटेगा. तो पंचर मत साटो वरना तुमको तो पता ही है कि कुछ नहीं होगा तो चौराहा पर बैठकर मीट काटेगा तुम. बकलोल कहीं के. बताइए, ये उमर है बच्चों को यहां पर लाने का?’

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इसी बात को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने कहा ‘अब क्या कीजियेगा आठारह आठाराह को पैदा कीजिएगा तब ईहे न होगा कोई बर्तन धोएगा कोई बकरी कटेगा कोई पंचर साटेगा।

लेकिन इस वीडियो के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर #reportonkhansir ट्रेंड होने लगा

एक शिक्षक जिसने पढ़ाने के तरीक़े को नया आयम दिया, उसे आज धार्मिक चस्मे से देखे जाने लगा उसे एक नया नाम अमित सिंह दे दिया गया , और इस तरह के कई खबरों को फैलाया गया । उनका धर्म क्या है जाता क्या है इसकी हकीकत तो खान सर ही बताएंगे और वैसे भी एक शिक्षक को उसके धर्म से नहीं बल्कि उसके द्वारा दी जा रही शिक्षा से पहचान मिलनी चाहिए जिसमें खान सर अभी तक काफी सफल भी रहे है।

लेकिन इन सब के बीच एक बार फिर इन गद्दारों की देशभक्ति सामने आ गई चाहे आप जो भी हो , आपने कितना भी अच्छा काम किया हो , लेकिन आप दुनिया के किसी भी कोने में रह रहे इनके धार्मिक भाईयो के बारे में कुछ नहीं बोल सकते चाहे वो अतंकवादी संगठन isis हो हमास हो या फिर पाकिस्तानी अतंकवादी जिसे ये अपना अब्बा मानते है! इस

इसका असर खान सर पर क्या होगा ये तो वक्त बताएगा लेकिन इन गद्दारों की पहचान जरूर हो गई है जो पाकिस्तान को बुरा-भला कहने पर दर्द से कराह उठे है।

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