mangaluru blast case e0a487e0a4a8 e0a4a4e0a580e0a4a8 e0a486e0a4a4e0a482e0a495e0a4bfe0a4afe0a58be0a482 e0a4b8e0a587 e0a4aee0a4bee0a4b0e0a58d
mangaluru blast case e0a487e0a4a8 e0a4a4e0a580e0a4a8 e0a486e0a4a4e0a482e0a495e0a4bfe0a4afe0a58be0a482 e0a4b8e0a587 e0a4aee0a4bee0a4b0e0a58d 1

हाइलाइट्स

मेंगलुरु ऑटो ब्लास्ट केस में आरोपित है शारीक.
जांच एजेंसी शारीक से जुड़े सभी संपर्कों की तलाश में जुटी हुई है.
शारीक के माता-पिता की हो चुकी है मौत. अपनी सौतेली मां और मौसी के साथ रहता था.

नई दिल्ली. कोयंबटूर के बाद कर्नाटक के मेंगलुरु में हुए विस्फोट को लेकर एनआईए जांच में जुटी हुई है. इस बीच पुलिस ने बताया कि मेंगलुरु विस्फोट मामले में संदिग्ध मोहम्मद शारीक बहुत ही कम उम्र से कट्टरपंथ की तरफ बढ़ चुका था. साथ ही वह अराफात अली, मुसाबिर हुसैन और मतीन ताहा नाम के तीन आतंकवादी संदिग्धों से मार्गदर्शन लेता था. हाल ही में शरीक के पिता का निधन हो गया था. ऐसे में परिजनों को उम्मीद थी कि वह अपने पिता की दुकान चलाएगा. शारीक की मां अंसीरा का कई साल पहले निधन हो गया था.

अपने माता-पिता की मृत्यु के बाद, वह अपनी सौतेली माँ, शबनम बानो (पिता की दूसरी पत्नी) और मौसी के साथ रहने लगा. शारीक ने तीर्थहल्ली शहर के डॉ यूआर अनंतमूर्ति सरकारी हाई स्कूल में अपनी कक्षा 10 की पढ़ाई पूरी करने के बाद शारिक ने कॉमर्स में स्नातक की पढ़ाई पूरी करने के लिए सरकारी प्रथम श्रेणी के कॉलेज में दाखिला लिया, लेकिन एक साल के भीतर ही उसने छोड़ दिया.

शुरू से ही कट्टरपंथियों के साथ उठता-बैठता था शारीक
नाम न छापने की शर्त पर एक जांच अधिकारी ने बताया कि शारीक का शुरू से ही कट्टरपंथी व्यक्तियों के साथ उठना-बैठना था. शारीक को उन सबसे मार्गदर्शन मिलता रहता था जो राज्य में आतंक से जुड़े नेटवर्क में शामिल थे. ताहा और हुसैन अल-हिंद इस्लामिक स्टेट (आईएस) के आतंकी मॉड्यूल से जुड़े हुए हैं और कथित तौर पर आतंकवाद से संबंधित गतिविधियों के लिए कर्नाटक में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और भर्ती करने के मामले में शामिल थे.

READ More...  आसनसोल: जनप्रतिनिधि से नाराज जनता, सांसद और विधायक के लापता होने के लगाए पोस्टर

आतंकी ताहा पर 5 लाख रुपये का इनाम
कर्नाटक के एडीजीपी (लॉ एंड ऑर्डर) आलोक कुमार के अनुसार, हुसैन, ताहा और अली शारिक के संभावित हैंडलर और फाइनेंसर हो सकते हैं. राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने ताहा पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित किया है. पुलिस शारिक के अल-हिंद मॉड्यूल से संभावित लिंक और दक्षिण भारत में आतंकी मॉड्यूल के विकास में उसकी भूमिका की गहराई से जांच करने की कोशिश कर रही है.

मैसेज भेजने के लिए सीक्रेट कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का करते थे इस्तेमाल
पुलिस को शारिक के मोबाइल फोन पर एक तस्वीर भी मिली है, जिसमें वह शनिवार को ऑटोरिक्शा में विस्फोट करने वाले संदिग्ध आईईडी कुकर के साथ IS कैडर की तरह आकाश की ओर इशारा करते हुए दिखाई दे रहा है. पुलिस ने जांच के दौरान पाया है कि शारिक और उसके सहयोगी मैसेज भेजने और लेन-देन के लिए सीक्रेट कम्युनिकेशन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते थे.

शारिक की बहन के खातों की हो रही है जांच
शारिक की एक बहन है जो तीर्थहल्ली में रहती है और पुलिस यह भी जांच कर रही है कि उसके ‘कथित’ संचालकों द्वारा लेनदेन के लिए उसके खाते का उपयोग किया गया था या नहीं. जांच के करीबी पुलिस अधिकारी ने बताया, “शारिक को मैसूर में अपने किराए के घर में बम बनाने का अभ्यास करते पाया गया था. विस्फोट के लिए खरीदे गए सामान की रकम क्रिप्टोक्यूरेंसी के जरिये दी गई थी.”

READ More...  आम्रपाली ग्रुप के खिलाफ दायर याचिकाओं पर 3 सितंबर को SC में सुनवाई, CJI की पीठ के सामने है मामला

Tags: Karnataka, Mangalore

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)