netrikann review e0a495e0a58be0a4b0e0a4bfe0a4afe0a4bee0a488 e0a4abe0a4bfe0a4b2e0a58de0a4ae e0a4ace0a58de0a4b2e0a4bee0a487e0a482e0a4a1
netrikann review e0a495e0a58be0a4b0e0a4bfe0a4afe0a4bee0a488 e0a4abe0a4bfe0a4b2e0a58de0a4ae e0a4ace0a58de0a4b2e0a4bee0a487e0a482e0a4a1

Netrikann Review: 2018 में श्रीराम राघवन की फिल्म अंधाधुन (Andhadhun) या 2017 में संजय गुप्ता की काबिल (Kaabil), दोनों ही फिल्मों के मुख्य किरदार नेत्रहीन थे और फिर भी अपनी चालें चल कर दुश्मन का सामना और खात्मा करने में कामयाब होते हैं. अगर आपको ये दोनों फिल्में पसंद आयी हैं तो इस बात की गारंटी है कि आपको तमिल फिल्म नेट्रीकॉन (Netrikann) भी पसंद आएगी. हालांकि फिल्म थोड़ी ज़्यादा लम्बी है और क्लाइमेक्स आने में बहुत देर लगा दी है, फिर भी फिल्म का करीब करीब 70-75% हिस्सा इतना बढ़िया है कि आप फिल्म से “नज़रें” हटा ही नहीं सकते. फिल्म देखने लायक है, भले ही कोरियाई फिल्म “ब्लाइंड” का ऑफिशियल रीमेक है.

पिछले कुछ सालों में ओटीटी की वजह से कोरियाई सिनेमा बहुत जल्दी विश्वभर में प्रसिद्द हो गया. हिंदी फिल्मों के लिए थ्रिलर फिल्म्स का तैयार मसाला मिल गया. जिंदा, एक विलन, भारत, रॉकी हैंडसम और यहां तक कि राधे की कहानी भी कोरियाई फिल्म से ली गयी है. कुछ ऑफिशियल रीमेक हैं तो कुछ चोरी का मामला है. प्रोड्यूसर ह्युन्वू थॉमस किम और विनेश शिवन ने “ब्लाइंड” के अधिकार खरीदे हैं. वैसे तो आन सान्ग-हून की ये फिल्म बहुत तूफानी तो नहीं थी मगर तमिल अडाप्टेशन में नयनतारा की वजह से फिल्म में जान आ गयी है. नयनतारा और प्रोड्यूसर विनेश एक दूसरे को 6 सालों से डेट कर रहे हैं और शादी का इरादा भी है. हाल ही में सुपरहिट तमिल डायरेक्टर एटली (थेरी, मेर्सल, बिगिल) ने नयनतारा को शाहरुख खान के साथ साइन किया है अपनी पहली हिंदी फिल्म के लिए.

नेट्रीकान, एक सीबीआई ऑफिसर दुर्गा (नयनतारा) की कहानी है जो एक दुर्घटना में अपने प्रिय सौतेले भाई को खो देती है और खुद की आँखों की रौशनी भी. एक नेत्रहीन के तौर पर वो धीरे धीरे अपनी ज़िन्दगी फिर से जीने की कोशिश करती है जब वो गलती से एक कार को टैक्सी समझ कर बैठ जाती है. टैक्सी ड्राइवर उसे अगवा करने की कोशिश करता है लेकिन एक एक्सीडेंट की वजह से दुर्गा बच जाती है. पुलिस में शिकायत दर्ज करने पर उसे एक ऐसे पुलिस ऑफिसर मणिकंदन के हवाले कर दिया जाता है जो कि थाने का सबसे उपेक्षित पुलिसवाला है. दुर्गा की याददाश्त के दम पर मणिकंदन इस केस को सुलझाने की कोशिश करता है और एक कूरियर बॉय की गवाही पर उस अपराधी को गिरफ्तार भी कर लेता है. अपराधी उसे मार के भाग जाता है. इस बार से अनजान दुर्गा उस कूरियर बॉय के साथ अपने अनाथ आश्रम चली जाती है. अपराधी वहां पहुंच जाता है और फिर अँधेरे में हाथापाई में दुर्गा उसका खात्मा कर देती है.

READ More...  Bigg Boss 14 10 Jan UPDATES: घर से बेघर हुईं जैस्मिन भसीन, अली गोनी का रो-रोकर हुआ बुरा हाल

फिल्म में चार महत्वपूर्ण किरदार हैं. दुर्गा यानि नयनतारा जो फिल्म की मुख्य अभिनेत्री हैं. डॉक्टर जॉन यानि अजमल अमीर जो फिल्म के मुख्य अपराधी हैं और दिमागी तौर पर बीमार हैं. एक कमबुद्धि पुलिस वाले की भूमिका में मणिकंदन और कूरियर बॉय की भूमिका में सरन. अजमल अमीर ने नयनतारा को अपने अभिनय का जौहर दिखाने का पूरा मौका दिया है. निर्देशक ने भी इसे भरपूर भुनाया है. तमिल फिल्मों में लेडी सुपरस्टार के तौर पर प्रसिद्ध नयनतारा ने एक नेत्रहीन लड़की की भूमिका बखूबी निभाई है.

उसकी वजह से उसके सौतेले भाई की जान चली जाती है और पूरी फिल्म में उसके चेहरे पर उसका पश्चाताप नज़र आता है. महत्वपूर्ण सीन्स में नयनतारा के चेहरे पर भाव साफ़ बदलते नज़र आते हैं और दर्शकों को उनकी लोकप्रियता की वजह समझ आती है. साइको किलर के फ़ोन कॉल्स के समय हों या मेट्रो में साइको किलर के सामने वाली सीट पर बैठ कर अपने आप को संयत रखने का प्रयास करती नयनतारा, सशक्त अभिनय किया है. दिलीप केसवन का एक्शन नयनतारा की क्षमताओं और नेत्रहीनों की विरोध क्षमता के हिसाब से थोड़ा हिंसक है. नयनतारा के अलावा कोई और अभिनेत्री शायद इस तरह का एक्शन नहीं कर पाती.

अजमल का किरदार एक गायनेकोलॉजिस्ट डॉक्टर का है जो जवान लड़कियों का अवैध रूप से गर्भपात करता है. असल में वो एक मानसिक रोगी है और इसी वजह से वो अपनी पत्नी की हत्या कर चुका है. अजमल से घृणा होती है लेकिन डर नहीं लगता. वैसे उन्होंने काफी फिल्मों में अभिनय किया है लेकिन इस फिल्म को देख कर लगता है कि अभी बहुत कुछ सीखना है. उनका साइको अंदाज़ कमज़ोर लगा है. फिल्म में सबसे अच्छा किरदार मणिकंदन का लगा है. एक कम बुद्धि पुलिस अफसर जिसे उसे वरिष्ठ अधिकारी बिलकुल सपोर्ट नहीं करते और वो भी ये बात दुर्गा को बता कर उनके सीबीआई ऑफिसर वाले दिमाग का इस्तेमाल कर के केस सॉल्व करना चाहते हैं. इतने सिंपल से पुलिसवाले के प्रति दर्शकों का प्रेम पहले ही सीन से जाग जाता है. कूरियर बॉय गौतम की भूमिका में सरन का किरदार अच्छा है बस अभिनय में थोड़ी परिपक्वता की कमी नज़र आयी.

READ More...  WWW Review: होस्टेज ड्रामा का सबसे कच्चा स्वरुप है "डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू"

फिल्म की कहानी और पटकथा तो कोरियाई फिल्म जैसे ही हैं, डायलॉग नवीन सुन्दरमूर्ति और सेंथिलकुमार ने लिखे हैं जो कि सामान्य हैं. लिखने में जो सबसे कच्चा हिस्सा छूटा है वो है विलन का किरदार. वो बड़ी आसानी से सारे अपराध करता है और गायनेकोलॉजिस्ट बन कर लड़कियों को अनचाहे गर्भ से छुटकारा दिलाने के पीछे जो उसकी कहानी है वो बहुत ही विचित्र लगती है. इसे साइको किलर बनाने की वजह बहुत ही दुखद है और कुछ अटपटी लगती है. एडिटर लॉरेंस किशोर को यहाँ पर थोड़ा काम दिखाना चाहिए था. आधे से ज़्यादा फिल्म बहुत ही अच्छी एडिट हुई है लेकिन उसके बाद, क्लाइमेक्स तक फिल्म खिंचती चली जाती है. कई बार लगता है कि अब फिल्म ख़त्म लेकिन फिल्म फिर भी आगे बढ़ती रहती है.

नयनतारा के अभिनय के लिए फिल्म देखी जानी चाहिए. निर्देशक मिलिंद राव ने निर्देशन अच्छा किया है. काफी समय तक टेंशन बना रहता है कि अब क्या होगा बस आखिर के 20 मिनिटों में कमाल की ज़रुरत लगी थी. फिल्म देखी जा सकती है. इसको देखते हुए. तमिल निर्देशक मिस्कीन की उदयनिधि स्टालिन और अदिति राव हैदरी अभिनीत फिल्म “साइको” (2020) की याद आ सकती है लेकिन दोनों फिल्मों के मिज़ाज में अंतर है. वहां हीरो, विलन के पीछे है और यहाँ विलन, हीरोइन के पीछे हैं. देखिये, पसंद आएगी.

डिटेल्ड रेटिंग

कहानी :
स्क्रिनप्ल :
डायरेक्शन :
संगीत :

Tags: Film review, Tollywood, Tollywood Actress

Article Credite: Original Source(, All rights reserve)