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इटली को पाटन का पटोला दुपट्टा (स्कार्फ): उत्तरी गुजरात के पाटन क्षेत्र में साल्वी परिवार द्वारा बुना गया पाटन पटोला कपड़ा इतनी अच्छी तरह से तैयार किया गया है कि यह रंगों का उत्सव बन जाता है, जिसमें आगे और पीछे का भाग अलग-अलग होता है. पटोले संस्कृत के शब्द ‘पट्टू’ से लिया गया एक शब्द है जिसका अर्थ रेशमी कपड़ा होता है. इस अति सुंदर दुपट्टे में किये गए जटिल रूपांकन 11वीं शताब्दी ईस्वी में निर्मित, पाटन में एक बावड़ी ‘रानी की वाव’ से प्रेरित हैं, जो एक वास्तुशिल्प चमत्कार है और जो अपनी सटीकता, विवरण और सुंदर मूर्तिकला पैनलों के लिए जाना जाता है. पाटन पटोला दुपट्टा लकड़ी के बने एक बॉक्स ‘सदेली’ में पैक किया जाता है, जो अपने आप में एक सजावटी टुकड़ा है. सदेली एक अत्यधिक कुशल लकड़ी से बना शिल्प है, जो मूल रूप से गुजरात के सूरत क्षेत्र में बनता है. इसमें सौंदर्य की दृष्टि से आकर्षक डिजाइन तैयार करने के लिए लकड़ी की वस्तुओं पर सटीक रूप से ज्यामितीय पैटर्न को काटना शामिल है.

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