असम की राजनीति में चुनाव से पहले एक महत्वपूर्ण बदलाव हुआ है। राज्य सरकार की मंत्री नंदिता गरलोसा ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) छोड़कर कांग्रेस में शामिल हो गई हैं। कांग्रेस के अनुसार, गरलोसा आगामी विधानसभा चुनाव में दीमा हसाओ जिले की हाफलोंग सीट से उम्मीदवार होंगी। इसी बीच, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हाफलोंग स्थित गरलोसा के निवास का दौरा किया, लेकिन इस मुलाकात पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया।
भाजपा ने हाफलोंग सीट से नंदिता गरलोसा की जगह रूपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाया है। टिकट नहीं मिलने के कारण गरलोसा ने भाजपा से दूरी बना ली और कांग्रेस में शामिल हो गईं। कांग्रेस ने पहले इस सीट पर अपने प्रदेश महासचिव निर्मल लंगथासा को उम्मीदवार चुना था, लेकिन उन्होंने जनहित में गरलोसा को अपना टिकट देने पर सहमति जताई।
कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि नंदिता गरलोसा पिछले पांच वर्षों से दीमा हसाओ की मजबूत आवाज रही हैं। उन्होंने हमेशा अपने सिद्धांतों के लिए काम किया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व वाली सरकार जनजातीय जमीनों को कॉरपोरेट्स को सौंपने में रुचि रखती है।
कांग्रेस ने उम्मीदवारों की अपनी पांचवीं सूची जारी की है, जिसमें सात उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं। इससे पहले 42 और 23 उम्मीदवारों की सूची भी जारी की गई थी। इस बार असम में कांग्रेस अपने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीटें छोड़ रही है।
असम विधानसभा चुनाव 2026 में 126 सीटें हैं, जिनमें बहुमत के लिए 64 सीटें चाहिए। चुनाव की अधिसूचना 16 मार्च को जारी हुई थी, और नामांकन की आखिरी तारीख 23 मार्च है। मतदान 9 अप्रैल को होगा, जबकि नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
www.amarujala.com




