असम में तिनसुकिया के जागुन में रविवार तड़के पुलिस कमांडो कैंप पर उग्रवादियों द्वारा ग्रेनेड हमला हुआ। इस हमले में चार सुरक्षा कर्मी घायल हो गए हैं। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, यह घटना लगभग 2.30 बजे हुई, जब उग्रवादियों ने रॉकेट चालित ग्रेनेड से कैंप पर कई गोले दागे, जिनमें से पांच गोले फट गए। बाद में सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिससे कुछ समय तक गोलीबारी चली।
हमले की जिम्मेदारी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा (स्वतंत्र) ने ली है। संगठन का यह कदम चुनाव प्रक्रिया के बीच अपनी मौजूदगी और प्रभाव दिखाने का प्रयास माना जा रहा है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हमले की निंदा करते हुए दोषियों को पकड़ने और काउंटर-इंसर्जेंसी ऑपरेशन को तेज करने का आश्वासन दिया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई गई है कि हमले को सात उग्रवादियों के एक समूह ने अंजाम दिया। ये उग्रवादी घटना के बाद अंधेरे का फायदा उठाकर अरुणाचल प्रदेश की सीमा की ओर भाग निकले। सभी घायल जवानों को डिब्रूगढ़ स्थित असम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
तिनसुकिया और उसके आसपास के क्षेत्र, विशेषकर अरुणाचल सीमा से सटे इलाके, लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों के केंद्र रहे हैं। ऊपरी असम में कुल 42 विधानसभा सीटें हैं, जिस पर इस हमले का असर हो सकता है।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
www.amarujala.com




