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इजरायल और अमेरिका ने ईरान पर एक नया हमला किया है, जिसमें ईरान के कम से कम 40 ऊर्जा ठिकानों को गंभीर क्षति पहुंची है। यह जानकारी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के अनुसार है। एएफपी न्यूज के हवाले से बताया गया है कि इस हमले की लहर सोमवार को शुरू हुई। ईरान ने इसके जवाब में इजरायल के मध्य पूर्व के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।

इस युद्ध ने 24वें दिन में प्रवेश कर लिया है और पूरी दुनिया को गंभीर ऊर्जा संकट में डाल दिया है। तेहरान में निरंतर विस्फोट की आवाजें सुनाई दे रही हैं, और ईरानी मीडिया ने इन हमलों की रिपोर्ट की है। सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने ईरान की ओर से दागे गए मिसाइलों और ड्रोनों को रोकने की पुष्टि की है।

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्हें रियाद पर दागी गई बैलिस्टिक मिसाइल को रोकने में सफलता मिली, जबकि एक दूसरी मिसाइल निर्जन क्षेत्र में गिरी। यूएई ने भी अपनी एयर डिफेंस द्वारा ईरानी मिसाइलों को इंटरसेप्ट किए जाने का दावा किया है। IEA के प्रमुख ने कहा कि युद्ध ने तेल-गैस निर्यातक क्षेत्र की कम से कम 40 ऊर्जा संपत्तियों को गंभीर नुकसान पहुंचाया है।

इजरायल और अमेरिका के हमलों के दौरान ईरान ने भी कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में यातायात को रोकने की कार्रवाई की है, जिससे वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान जलडमरूमध्य से यातायात नहीं खोलता है, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट्स को निशाना बनाएगा।

इस युद्ध के चलते एशियाई शेयर बाजारों में उथल-पुथल है। इजरायल ने लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ अपनी कार्रवाई को बढ़ाया है। लेबनान में एक हजार से अधिक मौतें हो चुकी हैं, और इजरायल में ईरानी मिसाइलें भी गिरी हैं। यह युद्ध वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा बाजार के लिए गंभीर खतरा बना हुआ है।

स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
www.indiatv.in

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