आर्कटिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के बीच तकनीकी स्तर पर बातचीत की शुरुआत हो गई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसकी पुष्टि की। उनका कहना है कि यह प्रक्रिया नियमित रूप से आगे बढ़ेगी और इसका उद्देश्य सभी पक्षों के बीच मतभेदों को शांति से सुलझाना है।
रूबियो ने सीनेट की विदेश मामलों की समिति के समक्ष गवाही देते हुए कहा कि यह बातचीत आज से शुरू हो रही है और इसे इस तरह आगे बढ़ाया जाएगा कि बैठकें मीडिया का तमाशा न बनें, ताकि दोनों पक्ष सकारात्मक समाधान तक पहुंच सकें।
रूबियो ने यूरोप के साथ रिश्तों को लेकर सकारात्मक संकेत देते हुए कहा कि हमें अभी थोड़ा काम करना है, लेकिन हमें उम्मीद है कि हम सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
सीनेटर टिम केन ने ट्रंप द्वारा ग्रीनलैंड को गलती से ‘आइसलैंड’ कहे जाने पर सवाल उठाया। इस पर रूबियो ने हल्के अंदाज में कहा कि राष्ट्रपति से जुड़ी मौखिक चूकें पहले भी होती रही हैं।
हाल में ट्रंप के बयानों के बाद अमेरिका और यूरोप के रिश्तों में खटास आ गई थी। हालांकि, नाटो महासचिव ने एक प्रारंभिक समझौता कराने के बाद अमेरिका ने अपने सख्त रुख में नरमी दिखाई है।
स्रोत: सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी पर आधारित —
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