Squadron Leader Avani Chaturvedi
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हाइलाइट्स

सुखोई-30एमकेटी एयक्राफ्ट की फाइटर पायलट हैं अवनी
मध्य प्रदेश की बेटी हैं अवनी, रीवा जिले में रहता है परिवार
भाई भी आर्मी में, उन्हीं की प्रेरणा से अवनी बनी फाइटर पायलट

नई दिल्ली. भारतीय वायु सेना की स्क्वैड्रन लीडर अवनी चतुर्वेदी जापान के साथ होने वाले संयुक्त हवाई अभ्यास का हिस्सा होंगी. दोनों देशों का संयुक्त हवाई अभ्यास ‘वीर गार्जियन 2023’ 12 से 26 जनवरी तक जापान के ओमीटामा के हयाकुरी और सयामा एयर बेस पर होगा. अवनी इस हवाई अभ्यास के लिए जल्द जापान रवाना होंगी. भारत और जापान पहली बार द्विपक्षीय हवाई अभ्यास करेंगे.

यह हवाई अभ्यास तब हो रहा है जब चीन इंडो-पेसिफिक रीजन में अपनी ताकत दिखा रहा है. इस अभ्यास को ही ‘वीर गार्जियन 2023’ नाम दिया गया है. यह जापान के हयाकुरी एयर बेस पर होगा. भारतीय वायु सेना ने शनिवार को बताया कि इस अभ्यास के लिए भारत चार सू-30एमकेआई जेट, दो सी-17 एयरक्राफ्ट और 1 आईएल-78 प्लेन भेजेगा, जबकि जापान चार एफ-2 और चार एफ-15 एयरक्राफ्ट शामिल करेगा.

दोनों देशों के बीच बनी थी सहमति
भारत और जापान के बीच पिछले साल सितंबर में यह सहमति बनी कि दोनों देश द्विपक्षीय समन्वय के साथ सैन्य अभ्यास, फाइटर जेट ड्रिल करेंगे. यह सहमति दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों की वार्ता के दौरान बनी थी. वीर गार्जियन 2023 भी दोनों देशों की आपसी रणनीती को और मजबूत करने और रक्षा समन्वय को और बेहतर करने के लिए किया जा रहा है.

ये हैं स्क्वैड्रन लीडर अवनी चतुर्वेदी

  • चतुर्वेदी उन तीन महिलाओं में शामिल हैं जिन्हें वायु सेना फाइटर पायलट के रूप में चुना है
  • वह जोधपुर में स्थित एयर बेस में सुखोई-30एमकेटी एयक्राफ्ट की फाइटर पायलट हैं
  • चतुर्वेदी पहली महिला फाइटर पायलट हैं, जिन्होंने साल 2018 में अकेले मिग-21 उड़ाया है
  • चतुर्वेदी अपनी बैचमेट भावना कांत और मोहना सिंह के साथ साल 2016 की जुलाई में फ्लाइंग ऑफिसर बनीं
  • यह तब हुआ जब भारत सरकार ने महिलाओं को फाइटर पायलट बनाने के लिए एक्सपेरिमेंट करना शुरू ही किया था
  • चतुर्वेदी, कांत और सिंह भारतीय वायु सेना की पहचान बनकर उभरी हैं
  • अवनी चतुर्वेदी का जन्म मध्य प्रदेश में हुआ था. भारतीय वायु सेना में शामिल होने से पहले उन्होंने तेलंगाना स्थित द एयर फोर्स एकेडमी में जीतोड़ मेहनत की थी
  • अवनी का ददिहाल सतना के कोठीकंचन गांव से ताल्लुक रखता है, लेकिन अब पूरा परिवार रीवा जिले में रहने लगा है
  • चतुर्वेदी की पिता दिनकर प्रसाद बाणसागर परियोजना के इंजीनियर हैं, जबकि मां गृहिणी हैं. उनके बड़े भाई आर्मी में हैं. उन्होंने ही अवनी को एयरफोर्स में शामिल होने की प्रेरणा दी
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Tags: Indian air force, National News

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