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विश्व

चीन सोवियत संघ से भी ज़्यादा खतरनाक: पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स की दुनिया को गंभीर चेतावनी

17/5/2026, 8:08:20 pm
चीन सोवियत संघ से भी ज़्यादा खतरनाक: पूर्व अमेरिकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स की दुनिया को गंभीर चेतावनी
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दुनिया के भू-राजनीतिक परिदृश्य में चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर एक गंभीर चेतावनी जारी की गई है। पूर्व अमेरिकी रक्षा सचिव रॉबर्ट गेट्स ने कहा है कि आज चीन, शीत युद्ध के दौरान के सोवियत संघ से भी कहीं ज्यादा खतरनाक है। गेट्स, जिन्होंने दो अलग-अलग राष्ट्रपतियों के अधीन काम किया है, का मानना है कि चीन की वैश्विक महत्वाकांक्षाएं और अमेरिका के सहयोगी देशों के प्रति उसकी आक्रामक नीतियां एक बड़ी चुनौती पेश करती हैं। रॉबर्ट गेट्स, जिन्हें अमेरिकी रक्षा नीति का एक अनुभवी जानकार माना जाता है, ने खास तौर पर चीन के आर्थिक और सैन्य शक्ति के विस्तार पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि सोवियत संघ के पास ऐसी आर्थिक ताकत नहीं थी जो आज चीन के पास है। चीन का दबदबा सिर्फ सैन्य ही नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी बढ़ा है, जिससे वह दुनिया भर के देशों को अपने प्रभाव में ले सकता है। गेट्स के अनुसार, चीन की "बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव" जैसी परियोजनाएं सिर्फ आर्थिक विकास के लिए नहीं हैं, बल्कि ये चीन को रणनीतिक लाभ पहुंचाने और वैश्विक प्रभुत्व स्थापित करने का एक जरिया हैं। पूर्व रक्षा सचिव ने यह भी रेखांकित किया कि चीन न केवल अपने पड़ोसियों के प्रति, बल्कि अमेरिका के लंबे समय से चले आ रहे सहयोगियों के प्रति भी एक बड़ा खतरा है। वे मानते हैं कि चीन का लक्ष्य अमेरिकी नेतृत्व वाली विश्व व्यवस्था को चुनौती देना और अपनी एक अलग व्यवस्था स्थापित करना है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका को चीन की इस चुनौती का मुकाबला करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम करना होगा। केवल अकेले अमेरिका के लिए यह लड़ाई जीतना मुश्किल होगा। गेट्‌स ने यह भी कहा कि चीन की तुलना सोवियत संघ से करना पूरी तरह से सटीक नहीं होगा, क्योंकि चीन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था में जो पैठ बनाई है, वैसी सोवियत संघ की कभी नहीं रही। चीन की यह आर्थिक ताकत उसे कई देशों को अपनी ओर खींचने या उन पर दबाव बनाने की क्षमता देती है। इसलिए, चीन से निपटना एक अधिक जटिल और बहुआयामी चुनौती है। उन्होंने वैश्विक नेताओं से आग्रह किया है कि वे चीन की असली मंशा को समझें और इसके संभावित खतरों से आगाह रहें। उनकी यह चेतावनी अंतरराष्ट्रीय समुदायों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो चीन के बढ़ते कद से चिंतित हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व
समाचार स्रोत: अमर उजाला — विश्व

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