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एम्स अध्ययन: 40% युवाओं में फैटी लिवर, बच्चों पर भी मंडरा रहा खतरा

1/9/2026, 10:15:25 pm
एम्स अध्ययन: 40% युवाओं में फैटी लिवर, बच्चों पर भी मंडरा रहा खतरा
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नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने हाल ही में एक बड़ा सर्वेक्षण जारी किया है। अध्ययन में 18 से 35 वर्ष के 5,000 से अधिक लोगों की जांच की गई। नतीजे बताते हैं कि लगभग 40 प्रतिशत युवाओं में लिवर में चर्बी जमा होने के लक्षण मिले। शोधकर्ताओं ने इसे जीवनशैली से जुड़ी बीमारी माना है। मुख्य कारणों में अधिक कैलोरी वाला भोजन, शारीरिक गतिविधि की कमी और शराब का सेवन शामिल हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से शहरीकरण और देर रात तक काम करने की संस्कृति ने युवाओं की पाचन क्रिया को बिगाड़ दिया है। चिंता की बात यह है कि 10 से 15 वर्ष के बच्चों में भी फैटी लिवर के मामले बढ़ रहे हैं। स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य जांच में 12 प्रतिशत तक लिवर में वसा पाई गई। डॉक्टरों ने चेतावनी दी कि बचपन में ही लिवर खराब होने से आगे चलकर सिरोसिस या कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। एम्स के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के प्रमुख ने बताया कि जल्दी पहचान और जीवनशैली में सुधार से इस रोग को रोका जा सकता है। उन्होंने प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट की तेज चलने, संतुलित आहार और शराब से परहेज की सलाह दी। स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यों को स्कूलों में पोषण शिक्षा और नियमित स्वास्थ्य जांच अनिवार्य करने का निर्देश दिया है। साथ ही, सार्वजनिक जागरूकता अभियान शुरू करने की योजना है। विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर समय रहते कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दशक में लिवर संबंधी बीमारियों का बोझ स्वास्थ्य तंत्र पर भारी पड़ेगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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