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चिंता बढ़ती है: एशिया के अंतिम उष्णकटिबंधीय ग्लेशियर्स 99% तक सिमटे, 2030 तक पूरी तरह गायब हो सकते हैं

3/6/2026, 12:26:28 am
चिंता बढ़ती है: एशिया के अंतिम उष्णकटिबंधीय ग्लेशियर्स 99% तक सिमटे, 2030 तक पूरी तरह गायब हो सकते हैं
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जलवायु परिवर्तन की चेतावनी एक बार फिर गंभीर हो गई है। एक ताजा अध्ययन से पता चला है कि एशिया में स्थित उष्णकटिबंधीय ग्लेशियर्स जो पहले बड़े क्षेत्र को ढकते थे, आज 99% सिकुड़ चुके हैं। ये ग्लेशियर्स मुख्य रूप से पेरू, इंडोनेशिया और फिलीपींस जैसे देशों में हैं। वैज्ञानिकों का कहना है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान बढ़ने से बर्फ पिघलने की गति तेज़ हो गई है। ये ग्लेशियर्स क्षेत्र के लोगों के लिए पानी का मुख्य स्रोत रहे हैं। अब इनका नाश न केवल पर्यावरण के लिए खतरा है, बल्कि कृषि और पेयजल आपूर्ति पर भी गहरा असर पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यदि वर्तमान रुझान जारी रहा तो 2030 तक ये हिमनद पूरी तरह से गायब हो जाएंगे। यह घटना एक गंभीर चेतावनी है जो दिखाती है कि जलवायु परिवर्तन का असर कितन तेज़ हो रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि सरकारों और समाज को तत्काल कदम उठाने की जरूरत है। ग्लेशियर्स की रक्षा के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करना ज़रूरी है। अगर इस पर कोई रोक नहीं लगाई गई तो एशिया के कई हिस्सों में पानी की कमी का खतरा बढ़ सकता है। समय रहते कार्रवाई करनी होगी वरना भविष्य की पीढ़ियों को बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यह रिपोर्ट संदेश स्पष्ट करती है कि हमारी गलतियाँ हमें नैतिक ज़िम्मेदारी दे रही हैं। प्रकृति को संरक्षित करने के लिए एकजुट होना आवश्यक है। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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