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एशिया-प्रशांत में परमाणु हथियारों की दौड़ वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती

4/6/2026, 12:31:29 am
एशिया-प्रशांत में परमाणु हथियारों की दौड़ वैश्विक सुरक्षा के लिए नई चुनौती
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अंतरराष्ट्रीय स्ट्रेटेजिक स्टडीज इंस्टीट्यूट (IISS) की नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में परमाणु हथियारों की प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत अपने परमाणु आयुध को और भी उन्नत बनाने पर काम कर रहा है। भारत के पास पहले से ही विशाल परमाणु अस्त्र भंडार है, और वह इसे बढ़ाने के लिए नए मिसाइलों और प्रणालियों का विकास कर रहा है। पाकिस्तान भी अपनी परमाणु क्षमता को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव और सैन्य प्रतिस्पर्धा ने इस दौड़ को और तेज कर दिया है। चीन का योगदान भी महत्वपूर्ण है। चीन अपने परमाणु अस्त्रों के भंडार में तेजी से वृद्धि कर रहा है और एशिया-प्रशांत में एक प्रमुख खिलाड़ी बन गया है। चीन की गतिविधियों से इस क्षेत्र में और अधिक अस्थिरता फैल सकती है। रिपोर्ट का कहना है कि यह अस्थिरता अफगानिस्तान और उत्तर कोरिया जैसे अन्य देशों को भी प्रभावित कर सकती है। IISS के कर्नल जॉन चिपमन ने कहा कि यह परमाणु दौड़ क्षेत्रीय स्तर पर तनाव बढ़ा रही है और वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रही है। रिपोर्ट का दावा है कि इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय के बीच बातचीत और सहयोग की आवश्यकता है। समुदाय को साथ मिलकर इस खतरे का सामना करना होगा। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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