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भारत

मक्का पैक्ट: क्या मुस्लिम देशों के सैन्य गठबंधन में शामिल होगा बांग्लादेश? भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती

31/8/2026, 12:23:36 am
मक्का पैक्ट: क्या मुस्लिम देशों के सैन्य गठबंधन में शामिल होगा बांग्लादेश? भारत के लिए कितनी बड़ी चुनौती
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बांग्लादेश में हालिया राजनीतिक बदलावों के बाद अब वहां की विदेश नीति में बड़े बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। खबरें हैं कि बांग्लादेश 'मक्का जॉइंट डिफेंस एग्रीमेंट' (Mecca Joint Defense Agreement) में शामिल होने की तैयारी कर रहा है। अगर ऐसा होता है, तो बांग्लादेश सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए जैसे देशों की लिस्ट में शामिल हो जाएगा। इसे अक्सर 'मुस्लिम नाटो' के रूप में देखा जाता है, जिसका मकसद सदस्य देशों के बीच सैन्य सहयोग बढ़ाना है। भारत के लिए यह खबर चिंता का विषय हो सकती है। इसका सबसे बड़ा कारण पाकिस्तान की मौजूदगी है। पाकिस्तान और भारत के संबंध पहले से ही तनावपूर्ण हैं। अगर बांग्लादेश और पाकिस्तान एक ही सैन्य गठबंधन का हिस्सा बनते हैं, तो भारत की पूर्वी और पश्चिमी दोनों सीमाओं पर रणनीतिक दबाव बढ़ सकता है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे किसी गठबंधन से दक्षिण एशिया के शक्ति संतुलन (Balance of Power) में बदलाव आ सकता है। हालांकि, इस स्थिति को पूरी तरह नकारात्मक नहीं देखा जा सकता। बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था वर्तमान में मुश्किल दौर से गुजर रही है। वह सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों से वित्तीय मदद और निवेश की उम्मीद कर रहा है। ऐसे में मक्का पैक्ट में शामिल होना उसके लिए आर्थिक लाभ का सौदा हो सकता है, न कि केवल सैन्य रणनीति का। भारत के लिए चुनौती यह है कि वह बांग्लादेश के साथ अपने पुराने और गहरे रिश्तों को कैसे बचाए रखता है। भारत और बांग्लादेश के बीच व्यापार और सुरक्षा सहयोग काफी मजबूत रहा है। लेकिन अगर ढाका अपनी सैन्य प्राथमिकताओं को बदलते हुए इस्लामी देशों के गठबंधन की ओर झुकता है, तो नई दिल्ली को अपनी कूटनीतिक रणनीति बदलनी होगी। अंततः, यह देखना होगा कि बांग्लादेश की नई सरकार इस दिशा में कितना आगे बढ़ती है। क्या यह केवल एक प्रतीकात्मक कदम होगा या वास्तव में सैन्य समझौतों का एक नया दौर शुरू होगा? भारत की नजरें अब ढाका की अगली चाल पर टिकी हैं। समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत
समाचार स्रोत: अमर उजाला — भारत

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