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बापूधाम महोत्सव का रंगीन समापन, कवियों ने जीता दिल

4/9/2026, 5:02:40 am
बापूधाम महोत्सव का रंगीन समापन, कवियों ने जीता दिल
मोतिहारी में बापूधाम महोत्सव का तीन दिवसीय आयोजन शनिवार को संपन्न हुआ। पहले दिन से ही स्थानीय और बाहर से आए कवियों ने अपनी रचनाएं सुनाईं और दर्शकों को भाव विभोर किया। पहले दिन की शुरुआत में युवा कवियों ने आधुनिक विषयों पर अपनी कविताएँ पेश कीं, जिनमें पर्यावरण, सामाजिक समानता और तकनीक का प्रभाव शामिल था। दर्शकों की प्रतिक्रिया गर्मजोशी भरी रही और कई बार तालियों की गड़गड़ाहट सुनाई दी। दूसरे दिन का कार्यक्रम ज्यादा विविध रहा। सुबह के समय बुजुर्ग कवियों ने पुराने स्वर और रागों में रचित छंद पढ़े, जिन्हें सुनकर बुजुर्ग दर्शकों की आंखें नम हो गईं। उसके बाद विद्यार्थी वर्ग ने रैप और स्पोकन वर्ड की शैली में अपनी रचनाएँ पेश कीं, जिससे युवा वर्ग में उत्साह का संचार हुआ। दोपहर बाद लगे लोक गीत के मंच पर स्थानीय कलाकारों ने थुमरी, कजरी और बिहारी लोक गीत प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शकों ने झूमकर ताली बजाई। अंतिम दिन, यानी शनिवार को महोत्सव का समापन समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए। उन्होंने कहा कि साहित्य और कला समाज को जोड़ने का सेतु होते हैं और ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सृजनशीलता को बढ़ावा देते हैं। मंत्री ने आगे बताया कि बिहार की सांस्कृतिक विरासत को बचाने के लिए राज्य सरकार द्वारा समय‑समय पर समान कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों को नियमित बनाया जाएगा। समापन समारोह में मंत्री श्रवण कुमार ने आयोजन समिति को सम्मान पत्र देकर उनकी मेहनत की सराहना की। उन्होंने स्थानीय प्रशासन से भी सहयोग मांगा, ताकि आगे आने वाले दिनों में और अधिक जगहों पर इसी तरह के सांस्कृतिक मिलन हो सकें। समारोह के अंत में सभी कवियों को एक‑एक स्मृति चिन्ह दिया गया और दर्शकों ने उन्हें खड़े होकर ताली बजाकर अभिनंदन किया। आयोजकों के अनुसार इस वर्ष के महोत्सव में 35 से अधिक कवियों ने भाग लिया, जिनमें देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागी भी शामिल थे। पिछले साल की तुलना में दर्शकों की संख्या लगभग 22 प्रतिशत बढ़ी, जो बताता है कि लोगों का रुझान इस तरह के आयोजनों की ओर बढ़ रहा है। स्थानीय व्यापार मंडल ने भी इस अवसर पर स्टॉल लगाए, जिसमें हस्तशिल्प, पकवान और किताबें बेची गईं, जिससे आगंतुकों को एक पूर्ण सांस्कृतिक अनुभव मिला। समापन के बाद, आयोजन स्थल पर लगे फोटो बूथ पर लोग अपनी तस्वीरें खिंचवाते दिखे। कई युवा दर्शकों ने सोशल मीडिया पर #BapudhamMahotsav2025 हैशटैग के साथ अपनी पोस्ट शेयर की, जिससे कार्यक्रम की पहुंच ऑनलाइन भी बढ़ी। स्थानीय समाचार चैनलों ने भी इस घटना का लाइव कवरेज किया और अपने बुलेटिन में मुख्य बिंदुओं को दोहराया। समारोह की शांति और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस व्यवस्था भी चाक‑चौबंद रही, जिससे किसी प्रकार की असुविधा नहीं हुई। समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)
समाचार स्रोत: Google News — Motihari (Hindi)

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