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BCCI ने चोटिल खिलाड़ियों के चयन में नीति बदल दी, अब केवल पूरी तरह फिट होने पर ही मिलेगा मौका

2/9/2026, 3:41:18 am
BCCI ने चोटिल खिलाड़ियों के चयन में नीति बदल दी, अब केवल पूरी तरह फिट होने पर ही मिलेगा मौका
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BCCI ने चोटिल खिलाड़ियों के चयन को लेकर अपनी नीति में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। हाल के विवादों के बाद बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी खिलाड़ी को टीम में तभी शामिल किया जाएगा जब उसकी फिटनेस पूरी तरह सुनिश्चित हो जाए। पहले अक्सर देखा जाता था कि खिलाड़ी चोट से उबरने के आधे रास्ते पर ही वापस बुला लिया जाता था। इससे न केवल टीम के संतुलन पर असर पड़ता था, बल्कि खिलाड़ी की सेहत भी खतरे में पड़ जाती थी। मीडिया और फैंस ने इस पर सवाल उठाए थे और जल्दबाजी वाली वापसी की आलोचना की थी। नई नीति के अनुसार चयन समिति को खिलाड़ी की फिटनेस रिपोर्ट का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना होगा। केवल जब टीम के फिजियो और डॉक्टर दोनों पुष्टि करें कि खिलाड़ी अब cento प्रतिशत तैयार है, तभी उसे चुनाव में जगह मिलेगी। इस प्रक्रिया में पारदर्शिता भी बढ़ेगी। इस बदलाव का मुख्य लक्ष्य खिलाड़ियों के लंबे समय तक के करियर को सुरक्षित रखना है। बोर्ड का मानना है कि जल्दबाजी से अधिक चोटों का खतरा बढ़ता है, जिससे न केवल खिलाड़ी को नुकसान होता है बल्कि टीम को भी प्रदर्शन में गिरावट झेलनी पड़ती है। हाल ही में कुछ सीनियर खिलाड़ियों की जल्दी वापसी को लेकर आलोचना हुई थी। उदाहरण के लिए, एक तेज गेंदबाज जिसकी पीठ की समस्या थी, उसे आधा फ़िट होते ही मैच में उतार दिया गया था, जिसके बाद उसकी स्थिति और बिगड़ गई थी। ऐसी घटनाओं ने बोर्ड को नीति पर पुनर्विचार करने के लिए प्रेरित किया। नई दिशा-निर्देश से खिलाड़ियों को भी मनोवैजikian रूप से आराम मिलेगा। वे जानेंगे कि टीम में स्थान बनाने के लिए उन्हें पूरी तरह ठीक होना ही होगा, जिससे वे अपने रिहैबिलिटेशन पर अधिक ध्यान दे सकेंगे और मानसिक तनाव कम होगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप है। कई अन्य क्रिकेट बोर्ड, जैसे इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया, भी इसी तरह की सख्त फिटनेस मानकों का पालन करते हैं। फैंस की प्रतिक्रिया mixed है। कुछ का मानना है कि इससे टीम की तात्कालिक ताकत प्रभावित हो सकती है, जबकि कई लोगों का कहना है कि लंबी अवधि में इससे टीम अधिक मज़बूत और स्थायी बनेगी। अंत में, BCCI ने स्पष्ट किया कि नीति में लचीलापन बरकरार रखा जाएगा; यदि कोई असाधारण परिस्थिति हो तो मामले को विशेष समिति के पास भेजा जाएगा, लेकिन सामान्य regla यही रहेगी कि केवल पूरी तरह फिट खिलाड़ी ही मैदान में उतरेंगे। समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट
समाचार स्रोत: अमर उजाला — क्रिकेट

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